बीजापुर, 18 मार्च। Mukesh Chandrakar : छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले की अदालत में पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या के मामले में ठेकेदार समेत चार आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया। मामले की गवाह सूची में 72 गवाह शामिल किए गए।
1 जनवरी 2025 को पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या कर शव सेप्टिक टैंक में डाल दिया गया था। इस मामले में ठेकेदार सुरेश चंद्राकर और उसके दो भाई और ठेकेदार का मुंशी सहित चारों आरोपी जेल में हैं। इस केस की जांच के लिए आईपीएस ऑफिसर मयंक गुर्जर के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई। अब एसआईटी की टीम ने चार्जशीट पेश की है।
1241 पन्नों का आरोप पत्र
बीजापुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर ने बताया कि 1241 पन्नों के आरोप पत्र में ठेकेदार सुरेश चंद्राकर, रितेश चंद्राकर, दिनेश चंद्राकर और महेंद्र रामटेके का नाम शामिल है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103 (हत्या), 238 (अपराध के साक्ष्य को गायब करना या अपराधी को बचाने के लिए गलत जानकारी देना), 61 (आपराधिक साजिश), 250 (अपराधी को सजा से बचाने के लिए उपहार लेना आदि) के तहत आरोप लगाए गए हैं।
मयंक गुर्जर ने बताया कि जांच के दौरान डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों की सावधानीपूर्वक जांच की गई और उन्हें केस डायरी में शामिल किया गया। हम यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे कि चारों आरोपियों को अदालत से कड़ी से कड़ी सजा मिले।
1 जनवरी 2025 को हुए थे लापता
33 वर्षीय स्वतंत्र पत्रकार मुकेश चंद्राकर इस साल 1 जनवरी को लापता हो गए थे। दो दिन बाद उनका शव बीजापुर शहर में सुरेश चंद्राकर की संपत्ति पर बने सेप्टिक टैंक में मिला। सुरेश इस मामले में मुख्य आरोपी है. बाद में उसे, उसके भाइयों रितेश चंद्राकर और दिनेश चंद्राकर और सुपरवाइजर महेंद्र रामटेके को अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक सुरेश चंद्राकर, पत्रकार मुकेश चंद्राकर (Mukesh Chandrakar) द्वारा बीजापुर में उनके सड़क निर्माण कार्य में कथित भ्रष्टाचार को उजागर करने वाली खबर प्रकाशित करने के बाद नाराज थे। मुकेश स्वतंत्र पत्रकार के रूप में काम करते थे और ‘बस्तर जंक्शन’ नाम का यूट्यूब चैनल भी चलाते थे।

