रायपुर, 27 अप्रैल। Brahma Kumari’s Shanti Sarovar Retreat Centre : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय शांति सरोवर रिट्रीट सेंटर रायपुर में रूहानी सिंधी सम्मेलन का आयोजन किया गया। स्वस्थ और प्रगतिशील समाज के निर्माण में सिंधी समुदाय की भूमिका विषय पर सिंधी समाज के संतों के अलावा अनेक वक्ताओं ने अपने-अपने विचार रखें।
इस अवसर पर उल्हासनगर मुंबई की निर्देशिका ब्रह्माकुमारी पुष्पा दीदी ने अपने उद्बोधन में कहा कि सिंधी समाज में देश के विभाजन के बाद स्वयं को पुनर्स्थापित किया है । सिंधी समाज की विशेषता 1- व्यापार 2- श्रम 3- सेवा भाव 4- दान पुण्य है समाज में धन की वृद्धि हुई, वैभव में वृद्धि हुई किंतु आंतरिक शक्ति कमजोर हुई आंतरिक शक्ति को बढ़ाने के लिए आध्यात्मिकता को बढ़ाना होगा । आध्यात्मिकता अर्थात स्वयं के यथार्थ स्वरूप की पहचान जब हम इस स्वरूप में स्थित होते हैं तो सुप्रीम के साथ संबंध जुड़ता है और हमारी आंतरिक शक्ति में वृद्धि होती है जिससे जीवन सुख-शांति संपन्न बन जाती है यही इस ईश्वरीय विश्वविद्यालय में ईश्वर हम सभी को सिखाते हैं।
अशोक रोहाणी विधायक जबलपुर में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा माऊँट आबू व ब्रह्माकुमारीज के भिन्न-भिन्न स्थानों पर नेता व अभिनेता आते हैं तो बोलते हैं आपके यहां दादियों व दीदियों का चेहरा चमकता रहता है । यहां जो आध्यात्मिकता सिखाई जाती है उससे चेहरे में रूहानियत बढ़ती जाती है । मैं सबसे आग्रह करता हूं एक बार माउंट अवश्य जाएं परमात्मा अनुभूति अवश्य करें।
समारोह में हेमा दीदी,आशा दीदी, सविता दीदी संत युधिष्ठिर लाल,परमानंद परमहंस सहित सिंधी समाज के अतिथियों ने अपने विचार रखें व बड़ी संख्या में सिंधी समुदाय के भाई-बहनें उपस्थित थे । इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज रायपुर के बाल कलाकारों द्वारा सिंध के गौरवशाली इतिहास की झलक दिखलाते हुए कल-आज और कल नामक मनोरंजक डांस,ड्रामा का गरिमापूर्ण मंचन किया गया।

