जोधपुर, 29 जनवरी। Sadhvi Prem Baisa Death : मारवाड़ की प्रसिद्ध कथा वाचक और साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई है। बुधवार शाम करीब 5:30 बजे उनके पिता और एक अन्य व्यक्ति उन्हें पाल रोड स्थित प्राइवेट प्रेक्षा अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर प्रवीण जैन ने उन्हें ‘ब्रॉड डेड’ (मृत अवस्था में लाना) घोषित किया। जैसे ही यह खबर फैली, उनके समर्थकों में मातम और आक्रोश फैल गया।

साध्वी प्रेम बाईसा के शव को परिजनों ने अस्पताल से ले जाकर आश्रम में रखा। पुलिस ने बाद में शव एमडीएम अस्पताल भेजा। साध्वी पिछले एक साल से एक विवादित वीडियो को लेकर मानसिक तनाव में थीं। पुलिस ने मृत्यु के कारणों की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया।

रहस्यमयी सोशल मीडिया पोस्ट
साध्वी की मृत्यु के लगभग चार घंटे बाद, रात 9:30 बजे उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से एक भावुक पोस्ट साझा की गई। पोस्ट में लिखा कि उन्हें जीते जी न्याय नहीं मिला, शायद जाने के बाद मिलेगा। इसमें उन्होंने सनातन धर्म के प्रति समर्पण और अग्नि परीक्षा के लिए संतों को लिखे पत्रों का भी जिक्र किया।
पुराना वीडियो विवाद
साध्वी प्रेम बाईसा पिछले साल जुलाई में एक वीडियो के बाद काफी तनाव में थीं। वीडियो में वे अपने गुरु/पिता के गले मिलती दिखाई दी थीं। इसके बाद उन्हें प्रताड़ित किए जाने का आरोप भी सामने आया। साध्वी ने उस समय सार्वजनिक रूप से कहा था कि वे स्वयं को निर्दोष साबित करने के लिए किसी भी अग्नि परीक्षा से गुजरने को तैयार हैं।
आश्रम में हंगामा और पोस्टमार्टम की मांग
देर रात आश्रम पर सैकड़ों भक्त इकट्ठा हो गए और नारेबाजी शुरू कर दी। समर्थक मौत की निष्पक्ष जांच और पोस्टमार्टम की मांग कर रहे थे। शव को रात 1 बजे पुलिस की मदद से एमडीएम अस्पताल ले जाया गया। इस मामले में नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने मुख्यमंत्री से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
वर्तमान स्थिति
पुलिस और प्रशासन मामले की सत्यता और मृत्यु के कारणों की जांच कर रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सोशल मीडिया पोस्ट के रहस्यमयी पहलू को भी अधिकारियों द्वारा जांच में शामिल किया गया है।

