Panchayat Scam : रायपुर में बड़ा पंचायत घोटाला…! 11 पूर्व सरपंचों के खिलाफ जेल वारंट जारी…गांव विकास के नाम पर खेला गया बड़ा खेल…20 लाख से ज्यादा का गबन…SDM के आदेश के बाद मचा हड़कंप…यहां देखें List

Panchayat Scam : रायपुर में बड़ा पंचायत घोटाला…! 11 पूर्व सरपंचों के खिलाफ जेल वारंट जारी…गांव विकास के नाम पर खेला गया बड़ा खेल…20 लाख से ज्यादा का गबन…SDM के आदेश के बाद मचा हड़कंप…यहां देखें List

रायपुर, 19 मई। Panchayat Scam : रायपुर के अभनपुर में पंचायत राशि गबन मामले में 11 पूर्व सरपंचों के खिलाफ जेल वारंट जारी किया गया है। प्रशासनिक जांच में 20 लाख से अधिक की वित्तीय गड़बड़ी सामने आई है।

जिले के अभनपुर में पंचायत फंड गबन मामले में प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है। शासकीय राशि के कथित गबन के आरोप में 11 पूर्व सरपंचों के खिलाफ जेल वारंट जारी किया गया है। प्रशासनिक जांच में करीब 20 लाख 40 हजार 63 रुपए की वित्तीय अनियमितता सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई।

SDM के आदेश के बाद मचा हड़कंप

अभनपुर SDM Ravi Singh द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि संबंधित पूर्व सरपंचों ने अपने कार्यकाल के दौरान पंचायत मद की राशि का दुरुपयोग किया और कई मामलों में खर्च का सही हिसाब प्रस्तुत नहीं किया। इसके बाद केंद्रीय जेल रायपुर के अधीक्षक को भी पत्र भेजा गया है, ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके।

इन पूर्व सरपंचों पर कार्रवाई

जिन पंचायतों में प्रशासनिक कार्रवाई की गयी है उनमें गोतियारडीह, कुर्रू, लेखुंटा, खोल्हा, परसुलीडीह, पचेड़ा, चंपारण, धुसेरा, भोथीडीह, तोरला धोथ पंचायत शामिल हैं।

जांच में क्या मिला?

मिली जानकारी के अनुसार कई पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर राशि तो निकाली गई, लेकिन जमीन पर काम अधूरे मिले या कई कार्यों का अस्तित्व ही नहीं मिला। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ निर्माण कार्यों से जुड़े दस्तावेजों और भुगतान रिकॉर्ड में गंभीर गड़बड़ी की गई थी।

उन्हें जेल भेजने का यह अंतिम आदेश जारी करने से पहले, अदालत ने सभी आरोपियों को मांग नोटिस जारी किए थे, और उनकी चल-अचल संपत्तियां भी कुर्क कर ली गई थीं। जांच में पता चला कि इन पूर्व सरपंचों के पास बकाया राशि चुकाने के लिए पर्याप्त साधन थे; फिर भी, वे लगातार टालमटोल करते रहे। नतीजतन, अदालत ने एक ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी कर पूछा कि उन्हें जेल क्यों न भेजा जाए, एक ऐसा सवाल जिसका कोई संतोषजनक या कानूनी रूप से वैध जवाब नहीं दिया गया। आखिरकार, 18 मई को अदालत ने वारंट जारी कर उन्हें 30 दिनों के लिए, या जब तक बकाया राशि जमा नहीं हो जाती, तब तक जेल में रखने का आदेश दिया।

प्रशासन के मुताबिक जेल वारंट जारी होने के बाद संबंधित पूर्व सरपंचों को जल्द हिरासत में लिया जा सकता है। मामले के सामने आने के बाद पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।

SDM ने जारी किए जेल वारंट

एसडीएम न्यायालय ने आदेश की तामीली के लिए संबंधित थाना प्रभारियों और केंद्रीय जेल रायपुर के अधीक्षक को पत्र भेज दिया है। जिन पूर्व सरपंचों पर कार्रवाई हुई है, उनमें रामेश्वर प्रसाद (परसुलीडीह) पर सर्वाधिक 5,90,387 रुपये और थनवार बारले (पचेड़ा) पर 3,80,000 रुपये समेत अन्य पूर्व सरपंच शामिल हैं। हालांकि, कोर्ट ने यह साफ किया है कि यदि ये लोग गबन की गई पूरी राशि राजकोष में जमा कर देते हैं, तो उन्हें जेल नहीं जाना पड़ेगा।

अन्य पंचायतों की भी होगी जांच?

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि शासकीय राशि (Panchayat Scam) जनता के विकास और मूलभूत सुविधाओं के लिए जारी की जाती है। यदि किसी जनप्रतिनिधि द्वारा राशि का दुरुपयोग किया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों की मानें तो आने वाले समय में अन्य पंचायतों के वित्तीय रिकॉर्ड की भी जांच हो सकती है।

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