Liquor Revenue 2026 : छत्तीसगढ़ में प्लास्टिक बोतल नीति का असर…! बीयर-विदेशी शराब की बिक्री में बंपर उछाल…! देशी शराब की खपत घटी…बीयर और स्पिरिट की डिमांड रिकॉर्ड स्तर पर…सरकार की कमाई ₹10,751 करोड़ पार

Liquor Revenue 2026 : छत्तीसगढ़ में प्लास्टिक बोतल नीति का असर…! बीयर-विदेशी शराब की बिक्री में बंपर उछाल…! देशी शराब की खपत घटी…बीयर और स्पिरिट की डिमांड रिकॉर्ड स्तर पर…सरकार की कमाई ₹10,751 करोड़ पार

रायपुर, 26 मई। Liquor Revenue 2026 : छत्तीसगढ़ में शराब कारोबार को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। प्रदेश में आबकारी राजस्व लगातार बढ़ रहा है, लेकिन लोगों की पसंद तेजी से बदलती नजर आ रही है। जहां एक ओर बीयर और विदेशी शराब की बिक्री में भारी उछाल दर्ज किया गया है, वहीं देशी शराब की खपत में गिरावट आई है।

सबसे दिलचस्प बात यह है कि सरकार द्वारा प्लास्टिक बोतल में देशी शराब बेचने की अनिवार्यता लागू किए जाने के बाद इसकी मांग प्रभावित हुई है। आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में देशी शराब की बिक्री में 3 फीसदी की कमी दर्ज की गई है।

बीयर और विदेशी शराब की बिक्री में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

आबकारी विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बीयर की बिक्री में 34% की वृद्धि देखी गई है, जबकि विदेशी शराब (स्पिरिट्स) की बिक्री में 61% की तेज़ी आई है। इसके विपरीत, देसी शराब की खपत में 3% की गिरावट आई है। विशेषज्ञ इस बदलाव का श्रेय उपभोक्ताओं की बदलती पसंद और पैकेजिंग नीतियों को देते हैं।

₹10 हजार करोड़ पार पहुंचा आबकारी राजस्व

शराब की बिक्री से राज्य सरकार का राजस्व लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2023-24 में, आबकारी राजस्व ₹8,431 करोड़ था। 2024-25 में, यह बढ़कर ₹10,147 करोड़ हो गया, जो 20.39% की वृद्धि है। इसके अलावा, 2025-26 में, आबकारी राजस्व और बढ़कर लगभग ₹10,751 करोड़ हो गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 5.69% अधिक है।

अप्रैल 2026 में आय घटी

हालांकि राज्य आबकारी विभाग के सालाना राजस्व में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है, लेकिन अप्रैल 2026 के आंकड़ों ने सरकार की चिंताएं बढ़ा दी हैं। अप्रैल 2025 में आबकारी राजस्व ₹887.6 करोड़ था, जबकि अप्रैल 2026 में यह ₹804.6 करोड़ रहा। यह कुल 9.4% की गिरावट को दर्शाता है। यानी, सिर्फ़ एक साल के अंदर, अप्रैल महीने में शराब की बिक्री से होने वाली सरकार की कमाई में लगभग ₹83 करोड़ की कमी दर्ज की गई। फिर भी, इस खास गिरावट के बावजूद, सालाना आधार पर आबकारी राजस्व में बढ़ोतरी जारी रही है।

इन जिलों में शराब बिक्री से सबसे ज्यादा कमाई

टॉप ग्रोथ वाले जिले

  1. सुकमा- 43.5% वृद्धि
  2. सक्ति- 34.6% वृद्धि
  3. खैरागढ़-छुईखदान-गंडई- 26.9% वृद्धि
  4. बस्तर- 22% वृद्धि
  5. कोंडागांव- 20.1% वृद्धि

सबसे ज्यादा राजस्व देने वाले जिले

  • रायपुर- ₹151.6 करोड़ (3% गिरावट)
  • दुर्ग- ₹96.3 करोड़ (4.7% वृद्धि)
  • बिलासपुर- ₹77.4 करोड़ (0.3% गिरावट)

क्या प्लास्टिक बोतल नीति बनी वजह?

सूत्रों के मुताबिक, सरकार द्वारा देशी शराब को प्लास्टिक (Liquor Revenue 2026) बोतलों में बेचने की अनिवार्यता के बाद उत्पादन और खपत दोनों प्रभावित हुए हैं। इसके उलट युवा वर्ग और शहरी उपभोक्ताओं में बीयर और विदेशी शराब की मांग तेजी से बढ़ी है।

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