TMC MP Rebellion : बंगाल में सबसे बड़ा सियासी विस्फोट…! ‘काबा-मदीना सॉन्ग’ वाली सयानी घोष 20 सांसदों की बगावत में हुईं शामिल…TMC सांसदों का अलग गुट बनाने का दावा…ममता-अभिषेक को बड़ा झटका

TMC MP Rebellion : बंगाल में सबसे बड़ा सियासी विस्फोट…! ‘काबा-मदीना सॉन्ग’ वाली सयानी घोष 20 सांसदों की बगावत में हुईं शामिल…TMC सांसदों का अलग गुट बनाने का दावा…ममता-अभिषेक को बड़ा झटका

नई दिल्ली, 10 जून। TMC MP Rebellion : पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा सियासी भूचाल आ गया है। तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर संसद में अलग व्यवस्था देने की मांग की है। सबसे ज्यादा चर्चा अभिनेत्री से सांसद बनीं सयानी घोष के नाम को लेकर हो रही है, जिनके हस्ताक्षर भी कथित तौर पर इस पत्र में शामिल बताए जा रहे हैं। इसे ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के लिए अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहा असंतोष अब खुलकर सामने आता दिख रहा है। विधायक दल में बिखराव के बाद अब पार्टी के संसदीय दल में भी टूट की खबरों ने सियासी हलचल बढ़ा दी है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, TMC के करीब 20 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर संसद में अलग ब्लॉक और बैठने की व्यवस्था देने की मांग की है। इन सांसदों में अभिनेत्री और जादवपुर से सांसद सयानी घोष का नाम भी शामिल बताया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि बागी सांसदों ने काकोली घोष दस्तीदार को संसदीय दल का नेता बनाने की मांग भी रखी है। वहीं कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि यह गुट NDA को समर्थन देने की तैयारी में है।

कौन हैं सयानी घोष?

सयानी घोष पश्चिम बंगाल की चर्चित बंगाली अभिनेत्री, गायिका और युवा राजनीतिक चेहरा हैं। उन्होंने 2021 विधानसभा चुनाव से पहले TMC जॉइन की थी और जल्द ही पार्टी की स्टार प्रचारकों में शामिल हो गईं। 2024 में वे जादवपुर लोकसभा सीट से सांसद चुनी गईं। राजनीति में आने से पहले बंगाली फिल्मों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए वे पूरे बंगाल में लोकप्रिय चेहरा बन चुकी थीं।

विवादों से भी रहा नाता

बंगाल चुनाव प्रचार के दौरान उनके एक गाने , ‘मेरे दिल में है काबा और आंखों में मदीना…’ को लेकर काफी विवाद हुआ था। बीजेपी ने इसे मुस्लिम तुष्टिकरण से जोड़कर ममता बनर्जी और TMC पर निशाना साधा था। वहीं एक चुनावी सभा में आम आदमी पार्टी छोड़ बीजेपी में गए नेता पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा था, ‘मैं चड्ढा नहीं हूं जो चड्डी बन जाऊंगी…’ इस बयान पर भी खूब राजनीतिक विवाद हुआ था।

गिरफ्तारी से लेकर ED पूछताछ तक

2021 में त्रिपुरा चुनावों के दौरान सयानी घोष को “खेला होबे” नारेबाजी के बाद गिरफ्तार भी किया गया था। बाद में 2023 में उन्हें TMC यूथ विंग की अध्यक्ष बनाया गया। इसके बाद कथित भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में ED ने उनसे करीब 10 घंटे पूछताछ की थी, जिससे वे फिर सुर्खियों में आ गई थीं।

TMC के लिए क्यों बड़ा संकट?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर 20 सांसदों का यह गुट अलग होता है, तो यह TMC के इतिहास की सबसे बड़ी संसदीय बगावत साबित हो सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बागी सांसद लोकसभा में अलग पहचान और सीटिंग व्यवस्था चाहते हैं। हालांकि TMC की ओर से अभी तक इस पूरे घटनाक्रम पर आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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