रंगपुर, 24 अगस्त। Rangpur Hindu Family Murder : बांग्लादेश के रंगपुर में एक हिंदू परिवार के चार सदस्यों की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, सिद्धार्थ दास (19) और मुग्धार्थ दास (23) ने पूछताछ के दौरान हत्या में शामिल होने की बात स्वीकार की है। पुलिस का दावा है कि दोनों आरोपी पड़ोसी इमारत के रास्ते परिवार के घर की छत पर पहुंचे थे, जहां वे कथित तौर पर याबा का सेवन कर रहे थे।
पुलिस के अनुसार, जब रिटायर्ड शिक्षक गणपति चक्रवर्ती ने छत पर आवाज सुनी और दोनों से पूछताछ की, तो आरोपियों को अपनी पहचान उजागर होने का डर हुआ। इसके बाद कथित तौर पर वारदात को अंजाम दिया गया।
छत पर नशा करने से रोकने पर शुरू हुआ विवाद
रंगपुर मेट्रोपॉलिटन पुलिस कमिश्नर मोहम्मद अब्दुल माबूद ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले की जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी गुरुवार देर रात पड़ोसी इमारत से गणपति चक्रवर्ती के घर की छत पर पहुंचे थे। वहां वे कथित तौर पर याबा का सेवन कर रहे थे। गणपति चक्रवर्ती ने छत से आवाज सुनी और वहां पहुंचकर दोनों से पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि आरोपियों को डर था कि गणपति उन्हें पहचान लेंगे।
एक के बाद एक परिवार के चार सदस्यों की हत्या
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पहले गणपति चक्रवर्ती पर हमला किया। उनकी आवाज सुनकर पत्नी प्रीतिलता चक्रवर्ती भी मौके पर पहुंचीं और कथित तौर पर उनकी भी हत्या कर दी गई। इसके बाद परिवार की बेटी और 12 वर्षीय बेटे की भी हत्या किए जाने का पुलिस ने दावा किया है। पुलिस कमिश्नर के अनुसार, प्रार्थी चक्रवर्ती अपनी मां की चीखें सुनकर वहां पहुंची थी तो उसे भी तौलिये और रस्सी से गला घोंटकर मार डाला। हत्यारों ने बताया कि प्रार्थी की मौत तुरंत नहीं हुई; बल्कि उसे मरने में लगभग चार से 5 मिनट लगे। उन्होंने उसके मुंह में रस्सी और गले के चारों ओर लपेटकर उसका गला घोंटा। आखिर में, सोते हुए प्रियम को तकिये से दम घोंटकर हत्या कर दी गई। परिवार के चारों सदस्यों के शव बाद में बंद घर से बरामद किए गए थे।
हत्या के बाद घर में ही नहाए और खाना खाया
पुलिस के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी तुरंत घर से बाहर नहीं निकले। दोनों कथित तौर पर कई घंटे तक घर के अंदर ही मौजूद रहे। पुलिस का दावा है कि उन्होंने घर के बाथरूम में नहाया और डाइनिंग टेबल पर बैठकर खजूर तथा बचा हुआ याबा खाया। इसके बाद दोनों आरोपी कथित तौर पर कुछ सोने के गहने लेकर घर से निकले।
गहने छिपाए, पुलिस को गुमराह करने की कोशिश का दावा
पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर चोरी किए गए गहनों को पास के एक मंदिर के पीछे सुनसान जगह पर छिपा दिया था।पुलिस का यह भी दावा है कि जांच को दूसरी दिशा में ले जाने के लिए आरोपियों ने घर का सामान जानबूझकर अस्त-व्यस्त किया, ताकि घटना को लूट या डकैती का मामला समझा जाए।
दो आरोपी गिरफ्तार
जांच के दौरान पुलिस ने मुग्धार्थ दास और सिद्धार्थ दास को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक दोनों से अलग-अलग पूछताछ के बाद आमने-सामने भी पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान सामने आए कथित बयानों और अन्य सबूतों के आधार पर पुलिस ने मामले की कड़ियां जोड़ने का दावा किया है। अब जांच एजेंसियां वारदात में इस्तेमाल किए गए सामान, कथित तौर पर चोरी किए गए गहनों और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही हैं।
आगे की जांच जारी
रंगपुर मेट्रोपॉलिटन पुलिस, CID और डिटेक्टिव ब्रांच मामले की जांच कर रही हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात से जुड़े अन्य कोई पहलू या लोग तो नहीं हैं। चार लोगों की हत्या और उसके बाद कई घंटों तक उसी घर में आरोपियों के रहने के पुलिस दावे ने पूरे मामले को और भी गंभीर बना दिया है।

