नई दिल्ली, 03 सितंबर। Abhinandan Varthaman: 2019 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुई हवाई झड़प के दौरान पाकिस्तानी F-16 लड़ाकू विमान को मार गिराने वाले और वीर चक्र से सम्मानित ग्रुप कैप्टन अभिनंदन ने भारतीय वायुसेना से विदाई ले ली है। अधिकारियों के मुताबिक, उन्होंने 31 मार्च को वायुसेना छोड़ दी और इसके बाद क्षेत्रीय एयरलाइन Fly91 से जुड़ गए। अभिनंदन उस समय सुर्खियों में आए थे, जब 27 फरवरी 2019 को LoC के ऊपर हुई हवाई लड़ाई के दौरान उन्होंने पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों का सामना किया था। यह घटना भारतीय वायुसेना की ओर से पाकिस्तान के बालाकोट में किए गए हवाई हमले के एक दिन बाद हुई थी।
2019 की डॉगफाइट में F-16 को बनाया था निशाना
फरवरी 2019 में अभिनंदन MiG-21 Bison स्क्वाड्रन में तैनात थे और श्रीनगर एयर फोर्स स्टेशन पर ऑपरेशनल रेडीनेस प्लेटफॉर्म ड्यूटी पर थे। इसी दौरान पाकिस्तान एयर फोर्स के कई लड़ाकू विमानों का बड़ा समूह LoC की ओर बढ़ता दिखाई दिया।
आधिकारिक प्रशस्ति-पत्र के अनुसार, अभिनंदन ने पीछे हट रहे एक पाकिस्तानी लड़ाकू विमान का पीछा किया और हवाई लड़ाई के दौरान एक F-16 को मार गिराया। हालांकि, इसी दौरान उनके MiG-21 Bison पर दुश्मन की ओर से दागी गई मिसाइलों में से एक ने हमला किया। इसके बाद अभिनंदन को अपने विमान से इजेक्ट करना पड़ा और वह पाकिस्तानी इलाके में जा गिरे।
करीब 60 घंटे पाकिस्तान की हिरासत में रहे
विमान से इजेक्ट होने के बाद अभिनंदन को पाकिस्तान ने हिरासत में ले लिया था। करीब 60 घंटे तक हिरासत में रखने के बाद पाकिस्तान ने 1 मार्च 2019 को उन्हें भारत वापस भेज दिया। उनकी वापसी के बाद देशभर में उनका नाम और उनकी बहादुरी चर्चा का केंद्र बन गई थी।
वीर चक्र से हुए सम्मानित
दिसंबर 2019 में भारत के राजपत्र में प्रकाशित उनके प्रशस्ति-पत्र में उनकी बहादुरी और साहस का उल्लेख किया गया था। इसमें कहा गया था कि उन्होंने संख्या और तकनीकी क्षमता में मजबूत स्थिति वाले पाकिस्तानी विमानों के समूह का सामना किया। प्रशस्ति-पत्र के मुताबिक, अभिनंदन की आक्रामक कार्रवाई ने दुश्मन के विमानों को रणनीतिक रूप से उलझा दिया था।
अब Fly91 के साथ नई पारी
भारतीय वायुसेना में लंबी सेवा के बाद ग्रुप कैप्टन अभिनंदन ने अब अपने करियर की नई पारी शुरू की है। अधिकारियों के अनुसार, 31 मार्च को वायुसेना छोड़ने के बाद वह क्षेत्रीय एयरलाइन Fly91 से जुड़ गए हैं। उनका सैन्य करियर खास तौर पर 27 फरवरी 2019 की उस हवाई लड़ाई के लिए याद किया जाता रहेगा, जिसमें उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों का सामना किया था।

