रायपुर, 31 अगस्त। CSN Election: CSN चुनाव को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। नामांकन पत्रों की जांच के बाद अल्पसंख्यक कोटे से दाखिल एक नामांकन रद्द कर दिया गया है। वहीं, हनी बग्गा निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं। इस घटनाक्रम को देवेंद्र खेमे के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, जबकि बघेल खेमे के लिए इसे अहम राजनीतिक बढ़त के तौर पर देखा जा रहा है।
नामांकन की जांच के बाद जारी सूची में कुल 19 नामांकन/प्रविष्टियों की जानकारी सामने आई है। इनमें अधिकांश नामांकन ACCEPTED किए गए हैं, जबकि कुछ नामांकन REJECTED हुए हैं।
अल्पसंख्यक कोटे का नामांकन रद्द
जारी सूची के मुताबिक GULZEB AHMED के नामांकन की स्थिति REJECTED दर्ज की गई है। वहीं, संबंधित चुनावी समीकरणों में अल्पसंख्यक कोटे को लेकर यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नामांकन रद्द होने के बाद चुनावी मुकाबले के समीकरण में बदलाव आया है और इसी के साथ हनी बग्गा के निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ हुआ।
हनी बग्गा निर्विरोध निर्वाचित
नामांकन प्रक्रिया के बाद हनी बग्गा निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। उनके निर्विरोध निर्वाचन को चुनावी प्रक्रिया में बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है। इस घटनाक्रम के बाद संगठन के भीतर राजनीतिक समीकरणों को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
देवेंद्र खेमे को बड़ा झटका?
नामांकन रद्द होने और हनी बग्गा के निर्विरोध निर्वाचन के बाद इसे देवेंद्र खेमे के लिए झटका माना जा रहा है। वहीं, बघेल खेमे से जुड़े राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से इसे महत्वपूर्ण बढ़त के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, इन राजनीतिक खेमों से जुड़े दावों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित पक्षों के बयान से ही स्पष्ट होगी।
नामांकन सूची में कौन ACCEPTED, कौन REJECTED?
जारी सूची के अनुसार अधिकांश उम्मीदवारों के नामांकन ACCEPTED दर्ज किए गए हैं। वहीं, GULZEB AHMED और ADITYA BHAGAT के नाम के सामने REJECTED दर्ज है। सूची में शामिल प्रमुख नामों में कपिलकांत नाग, सत्येंद्र कुमार, प्रीतिका विश्वकर्मा, शैलेंद्र बंजारे, हनी बग्गा, प्रशांत कुमार, साजल बोकाड़े, मानव चंद्राकर, भावेंद्र देशमुख, प्रीति गंगोत्री, सागर वैष्णव, गुलजेब अहमद, शालिनी रामटेके, जस्मीत शर्मा, दीक्षा पांडेय, भक्कू कश्यप, सोनिका पोर्ते समेत अन्य नाम शामिल हैं।
बघेल खेमे का खुला खाता
हनी बग्गा के निर्विरोध निर्वाचन को बघेल खेमे की राजनीतिक बढ़त के तौर पर देखा जा रहा है। नामांकन प्रक्रिया के इस परिणाम के बाद चुनावी मुकाबले में खेमेबाजी और समीकरणों को लेकर चर्चा और तेज हो गई है। अब निगाहें आगे की चुनावी प्रक्रिया और संगठन में बनने वाले नए समीकरणों पर टिकी हैं।


