दुर्ग, 12 अक्टूबर। Durg University: छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग ने हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग के कुलसचिव भूपेन्द्र कुलदीप को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर से 12 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में आदेश जारी किया गया। शासन के आदेश में उनके विरुद्ध प्राप्त शिकायतों, कथित प्रशासनिक अनियमितताओं और आपराधिक प्रकरण से संबंधित कार्यवाही का उल्लेख किया गया है।
निलंबन की कार्रवाई छत्तीसगढ़ राज्य सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत की गई है। निलंबन अवधि में कुलदीप का मुख्यालय उच्च शिक्षा संचालनालय, इंद्रावती भवन, नवा रायपुर अटल नगर निर्धारित किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
12 अक्टूबर को जारी हुआ निलंबन आदेश
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश में विश्वविद्यालय के कुलसचिव के विरुद्ध विभिन्न शिकायतों और विभागीय पत्राचार का उल्लेख किया गया है। इसमें उच्च शिक्षा संचालनालय की ओर से जारी कारण बताओ सूचना पत्रों तथा विश्वविद्यालय अधिनियम के अंतर्गत अधिकारों के प्रयोग से संबंधित आरोप भी शामिल हैं। आदेश के अनुसार, कुलपति की स्वीकृति और आदेश के बिना उनके अधिकारों का अपने स्तर पर प्रयोग किए जाने को गंभीर अनियमितता बताया गया है। इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के उल्लंघन के रूप में भी उल्लेखित किया गया है।
कर्मचारी के वेतन से जुड़े मामले का भी उल्लेख
शासन के आदेश में विश्वविद्यालय की एक अर्द्धकुशल दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी श्रीमती शुभांगी मराठे के वेतन से संबंधित मामले का भी जिक्र है। आदेश में वर्णित आरोपों के अनुसार, कर्मचारी को वेतन मिलने के बाद उसकी राशि का बड़ा हिस्सा कथित तौर पर भूपेन्द्र कुलदीप के बेटे के खाते में स्थानांतरित कराया गया।
उपलब्ध विवरण के मुताबिक, इस तरह कुल 1,49,384 रुपये हस्तांतरित किए जाने का आरोप है। विश्वविद्यालय ने इस मामले की जांच के लिए समिति गठित की थी। जांच दस्तावेजों के आधार पर कथित आपराधिक न्यास भंग के संबंध में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(4) के तहत मामला दर्ज किए जाने का उल्लेख आदेश में किया गया है।
3 अगस्त को गिरफ्तारी, फिलहाल जमानत पर
आदेश में मोहन नगर थाना, दुर्ग में दर्ज आपराधिक प्रकरण का भी उल्लेख है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस मामले में 3 अगस्त 2026 को गिरफ्तारी हुई थी और संबंधित अधिकारी वर्तमान में जमानत पर हैं। आपराधिक प्रकरण और विभागीय कार्रवाई अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं; आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकलेगा।
विभागीय जांच अलग से होगी
शासन ने स्पष्ट किया है कि भूपेन्द्र कुलदीप के विरुद्ध विभागीय जांच की प्रक्रिया पृथक रूप से संचालित की जाएगी और आरोप पत्र अलग से जारी किया जाएगा। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय उच्च शिक्षा संचालनालय, इंद्रावती भवन, नवा रायपुर रहेगा। आदेश पर उच्च शिक्षा विभाग के अवर सचिव राजेश तिग्गा के डिजिटल हस्ताक्षर हैं। इसकी प्रतिलिपि संबंधित अधिकारियों और हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग को आवश्यक कार्रवाई एवं सूचना के लिए भेजी गई है।


