Mahadev Betting App Case: महादेव सट्टा एप का मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर रायपुर कोर्ट में पेश; CBI ने मांगी 10 दिन की रिमांड

Mahadev Betting App Case: महादेव सट्टा एप का मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर रायपुर कोर्ट में पेश; CBI ने मांगी 10 दिन की रिमांड

रायपुर, 04 नवंबर। Mahadev Betting App Case: करीब 6,000 करोड़ रुपये के कथित महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क मामले में प्रमुख आरोपी सौरभ चंद्राकर को बुधवार को रायपुर की विशेष CBI अदालत में पेश किया गया। कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत पहुंचे चंद्राकर से पूछताछ के लिए CBI ने 10 दिन की कस्टोडियल रिमांड मांगी है। वहीं, बचाव पक्ष ने उसकी गिरफ्तारी की वैधता पर सवाल उठाते हुए इसे अवैध बताया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अगली सुनवाई लंच के बाद निर्धारित की।

विशेष न्यायाधीश मनोज कुमार सिंह ठाकुर की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान CBI की ओर से चंदन सिंह ने पक्ष रखा, जबकि बचाव पक्ष की ओर से तुषार गिरी और शशांक मिश्रा पेश हुए। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। सुनवाई के दौरान ED के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

गिरफ्तारी पर सवाल, बचाव पक्ष ने उठाई आपत्ति

अदालत में बचाव पक्ष ने CBI की गिरफ्तारी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। वकीलों का आरोप है कि एजेंसी ने गिरफ्तारी से जुड़े जरूरी दस्तावेज अदालत के सामने प्रस्तुत नहीं किए। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि ओमान ने सौरभ चंद्राकर के प्रत्यर्पण की अनुमति ED के PMLA मामले में दी थी, ऐसे में CBI के मामले में कार्रवाई प्रत्यर्पण की शर्तों का उल्लंघन हो सकती है। इस पर CBI ने कहा कि गिरफ्तारी पुराने आदेशों के आधार पर नहीं, बल्कि नए आदेश के तहत की गई है। एजेंसी के मुताबिक, नए आदेश में किसी विशेष जांच एजेंसी का उल्लेख नहीं है।

116 दिन बाद भारत लाया गया सौरभ चंद्राकर

जांच एजेंसियों के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर वर्ष 2023 से दुबई में रह रहा था। उसके खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। ओमान की रॉयल पुलिस ने उसे 8 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया था। करीब 116 दिन बाद प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी होने पर 1 नवंबर को CBI की टीम उसे मस्कट से भारत लेकर आई। इसके बाद दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने CBI को दो दिन की ट्रांजिट रिमांड दी। मंगलवार को उसे फ्लाइट से दिल्ली से रायपुर लाया गया और बुधवार को विशेष CBI अदालत में पेश किया गया।

प्रत्यर्पण को लेकर ओमान की अदालत में भी हुई थी सुनवाई

सौरभ चंद्राकर को भारत लाने के लिए UAE ने भी प्रत्यर्पण की मांग की थी। हालांकि, ओमान की मस्कट कोर्ट ऑफ अपील ने 8 अक्टूबर 2026 को भारत के प्रत्यर्पण अनुरोध को प्राथमिकता दी। भारत ने 12 जुलाई को प्रत्यर्पण याचिका दाखिल की थी, जबकि UAE की याचिका 14 जुलाई को पहुंची थी चंद्राकर ने वानुअतु की नागरिकता होने का दावा किया था, लेकिन ओमान की अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया। भारत की ओर से निष्पक्ष सुनवाई और तीसरे देश को बिना अनुमति सौंपे जाने का आश्वासन भी दिया गया था।

छत्तीसगढ़ सरकार ने CBI को सौंपी थीं 13 FIR

महादेव ऑनलाइन बेटिंग एप से जुड़े मामलों की जांच CBI और ED दोनों कर रही हैं। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस मामले से संबंधित 13 FIR CBI को सौंपी थीं। इनमें से दो मामलों में एजेंसी आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। वहीं, ED मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच कर रही है और सौरभ चंद्राकर के खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल कर चुकी है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी से हासिल रकम को हवाला सहित विभिन्न माध्यमों से इधर-उधर किया गया। UAE में चंद्राकर की भव्य शादी, निजी जेट और बड़े आयोजनों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने की भी जांच हुई है।

भिलाई से शुरू हुआ कथित नेटवर्क, कई राज्यों तक फैला मामला

भिलाई निवासी सौरभ चंद्राकर का नाम महादेव ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के प्रमुख आरोपियों में शामिल है। जांच एजेंसियों के अनुसार, छोटे स्तर से शुरू हुआ कथित सट्टेबाजी कारोबार धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में बदल गया। इस मामले में देश के विभिन्न हिस्सों में FIR दर्ज हैं और कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। फिलहाल रायपुर की विशेष CBI अदालत में सौरभ चंद्राकर की रिमांड और गिरफ्तारी की वैधता को लेकर सुनवाई जारी है। अदालत के अगले आदेश पर इस हाई-प्रोफाइल मामले की आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी।

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