छत्तीसगढ

5.5 लाख को दी जाएगी कृमिनाशक दवा, 23 से 30 सितंबर तक 1 से 19 आयु वर्ग होगा लाभान्वित

कोरबा, 25 सितंबर। सरकार के निर्देशानुसार राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान 23 सितंबर से 30 सितंबर तक राष्ट्रीय कृमि मुक्ति सप्ताह आयोजित किया जाएगा। हर वर्ष 8 अगस्त को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाता था। परंतु इस वर्ष कोरोनावायरस संक्रमण को देखते हुए 23 सितंबर से उक्त कार्यक्रम मनाया जाएगा। इस दौरान समुदाय स्तर पर कोरबा जिले के 5.5 लाख बच्चों को मितानिन और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा कीड़ों के संक्रमण से बच्चों को बचाने के लिए कृमिनाशक दवा एलबेंडाजोल की गोली दी जाएगी।

खून की कमीं और कुपोषण से लड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रतिवर्ष राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाता है, जिसमें महिला एवं बाल विकास विभाग की समान भागीदारी होती है । 1 से 19 वर्षीय बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को निःशुल्क एलबेंडाजोल गोली खिलाकर राज्य में कृमि संक्रमण से मुक्ति का प्रयास किया जाता है । वहीं जो बच्चे छूट जाते हैं उन्हें मॉप उप राउंड में दवा दी जाती है।

स्वास्थ्य विभाग की सजगता और प्रयास से शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर में कमीं आई है। दवा का सेवन कराने का मुख्य उद्देश्य पेट के कीड़ों के संक्रमण से बचाने के साथ ही स्वास्थ्य एवं पोषण के स्तर में सुधार लाना भी है। शासन द्वारा कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए कन्टेंन्मेंट जोन और बफर जोन में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम आयोजित करने के दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. कुमार पुष्पेश के मुताबिक 5.5 लाख बच्चों, किशोर व वयस्कों को कृमिनाशक दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इस वर्ष कोरोना संक्रमण को देखते हुए स्कूलों में कृमि नाशक दवा नहीं दी जाएगी। इसलिए ही मितानिन और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद से गृह भ्रमण के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग नियम का पालन करते हुए दवा दी जाएगी। स्वास्थ्य अधिकारियों ने आम जनता से उक्त स्वास्थ्य सेवा का अधिक से अधिक लाभ लेने अपील की है ।

2015 से शुरूआत – छत्तीसगढ़ में वर्ष 2015 से इसकी शुरूआत हुई है। प्रदेश में जब इस कार्यक्रम की शुरूआत हुई तब प्रीवेलेंट रेट 73 प्रतिशत था जो अब घटकर 13 प्रतिशत हो गया है, रेट को और भी कम करने का प्रयास निरंतर जारी है। बच्चों को दवाई स्वास्थ्य विभाग की सहयोगी मितानिन और एएनएम के माध्यम से दी जाएगी। 1 से 2 वर्ष तक के बच्चों को आधी गोली (200 एमजी) एलबेंडाजोल तथा 2 से 19 वर्ष तक के बच्चों को एक गोली (400 एमजी) की दवा अभियान के तौर खिलाई जाएंगीं I एल्बेंडाजोल की गोली बच्चों और बड़ों के लिए सुरक्षित है। प्रतिकूल प्रभाव यदि हो तो प्रबंधन के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं उप स्वास्थ्य केन्द्रों पर उपचार की व्यवस्था भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा रहेगी।

गर्भवती महिला और बीमार व्यक्ति रहेंगे दूर – कृमि मुक्ति दिवस पर एक वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, और बीमार व्यक्तियों को एलबेंडाजोल की गोली नहीं दी जाएगी।

इसलिए दवा है जरूरी- कृमि संक्रमण चक्र की रोकथाम के लिए अल्बेंडाजोल गोली बच्चों व किशोरों को देना अत्यंत आवश्यक है। कृमि बच्चों के स्वास्थ्य और संपूर्ण विकास को नुकसान पहुंचा सकते हैं। कई बार तो बच्चों को भोजन से मिलने वाले पोषण आहार को कृमि नष्ट ना कर देते हैं जिससे बच्चे कुपोषण का शिकार हो जाते हैं। इसलिए बच्चों के संपूर्ण शारीरिक व मानसिक विकास के लिए कृमि नाशक दवा खिलाना अति आवश्यक है।

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