500 डॉक्टर दे रहे है मरीजों को एक फोन पर घर से ही चिकित्सीय परामर्श

– टेलीकन्सल्टेशन में अब तक 3000 कॉल में 1100 लोगों ने लिया फोन पर परामर्श
– छत्तीसगढ़ समेत 11 राज्यों में शुरू हुई काउंसिलिंग की “स्टेप वन” सेवा
रायपुर, 3 जून। कोरोना महामारी को फैलने से रोकने के लिए लोग घरों से ही टेक्नोलॉजी जैसे फोन और इंटरनेट के माध्यम से कई तरह की सेवाएं ले रहे हैं। इसी क्रम में पहला कदम लेते हुए छत्तीसगढ़ में “स्टेपवन” टेलीमेडिसिन की शुरुआत की है। टेलीमेडिसिन का मतलब फोन या वीडियो कॉल पर उपचार उपलब्ध करवाना है।
अप्रैल 17 को शुरू किये गए “स्टेपवन” प्रोजेक्ट में 500 से अधिक सरकारी और निजी चिकित्सक पंजीकृत हो चुके हैं और अब तक लगभग 1100 लोगों को फोन से परामर्श प्रदान किया गया है। कोविड संक्रमण के अलावा अन्य तरह की चिकित्सीय परामर्श के लिए पंजीकृत डॉक्टर मरीजों को फोन पर निःशुल्क सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। बस सेवा का लाभ लेने के लिए मरीजों को हेल्प लाइन नंबर 104 डायल कर अपना विवरण और स्थित बताना है I इसके बाद पंजीकृत चिकित्सक मरीजों की समस्याओं के मुताबिक चिकित्सीय परामर्श प्रदान कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक अब तक 3000 कॉल्स 104 पर किए गए हैं जिनमें से 1100 लोगों ( विभिन्न बीमारी से संबंधितों) को चिकित्सीय परामर्श दिया जा चुका है।
डॉ. अखिलेश त्रिपाठी उप संचालक एवं प्रवक्ता स्वास्थ्य विभाग ने बताया कोरोना संक्रमण के जोखिम को कम करने में “स्टेपवन” मददगार है। लोगों को सिर्फ एक कॉल पर ही बिना अस्पताल पहुंचे स्वास्थ्यगत सेवाएं मिल रही हैं। जरूरी होने पर परामर्श के बाद मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराने में भी सहायता मिल रही। इससे लोग अनावश्यक रूप से अस्पताल आने से भी बच रहे हैं।
इस तरह मिल रही सेवा- स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक कोई भी व्यक्ति स्वास्थ्य हेल्प लाइन सेवा 104 पर फोन करता है। इंटरैक्टिव वौइस रेस्पोंस सिस्टम (आईवीआरएस) के जरिए उनसे कुछ प्रश्न पूछे जाते हैं । कॉल करने वाले की संपूर्ण जानकारी और स्वास्थ्य संबंधी समस्या की जानकारी ली जाती है। इसके बाद कॉल कट जाता है और सीधे डॉक्टर्स समूह ( जिन्होंने उक्त सेवा के लिए पंजीयन कराया है) के पास मरीज की सारी जानकारी चली जाती है। आधे घंटे के भीतर डॉक्टरों द्वारा फोन पर ही मरीज की समस्याओं का निदान और परामर्श प्रदान किया जाता है। यदि मरीज को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता लगती है तो स्वास्थ्य विभाग की मदद से एंबुलेंस व्यक्ति के घर भेजा जाता है और अस्पताल में भर्ती किया जाता है।
इन राज्यों में काउंसिलिंग सेवा- कोविड महामारी के दौरान हर तरह के मरीजों को फोन के जरिए ही स्वास्थ्य परामर्श प्रदान करने के लिए सबसे पहले कर्नाटका में “वाट्सऐप” के जरिए सेवा शुरू हुई। इसका विस्तार करके “प्रोजेक्ट स्टेपवन” सेवा छत्तीसगढ़ समेत देश के 11 राज्यों में दी जा रही है । इनमें मुख्य रूप से कर्नाटका, महाराष्ट्र, उड़ीसा, पंजाब, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, दिल्ली, झारखंड, नागालैंड, मेघालय और केरल शामिल है।