World Meditation Day : ब्रह्माकुमारीज शांति सरोवर में विश्व ध्यान दिवस का भव्य आयोजन…! वक्ताओं का संदेश- ध्यान से मन की शांति और एकाग्रता संभव

World Meditation Day : ब्रह्माकुमारीज शांति सरोवर में विश्व ध्यान दिवस का भव्य आयोजन…! वक्ताओं का संदेश- ध्यान से मन की शांति और एकाग्रता संभव

रायपुर, 21 दिसंबर। World Meditation Day : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा शांति सरोवर रिट्रीट सेंटर, सड्डू में विश्व ध्यान दिवस का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम का विषय विश्व एकता और विश्वास के लिए ध्यान (Meditation for World Unity & Trust) रखा गया।

ध्यान से मन की शांति और एकाग्रता संभव : रूप नारायण सिन्हा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष रूप नारायण सिन्हा ने कहा कि मन को शांत और जीवन को व्यवस्थित रखने के लिए ध्यान अत्यंत आवश्यक है। जब व्यक्ति स्वयं को जानने लगता है और ध्यानस्थ होता है, तब उसकी एकाग्रता बढ़ती है। एकाग्रता के लिए सतत अभ्यास जरूरी है। उन्होंने ब्रह्माकुमारीज और शांति सरोवर की सराहना करते हुए कहा कि पवित्र स्थान का मन पर गहरा प्रभाव पड़ता है और ऐसे वातावरण में आने से मन का भटकाव स्वतः समाप्त हो जाता है। उन्होंने साधना और साध्य की प्रेरक कथा के माध्यम से अपने विचार साझा किए।

विश्व एकता और विश्वास के लिए ध्यान जरूरी : वक्ताओं का संदेश

रायपुर संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने कहा कि ध्यान का उद्देश्य समाज में सद्भावना और सकारात्मकता का विस्तार करना है। ध्यान हमें बाहरी दुनिया से हटकर स्वयं के भीतर झांकने और आत्म-विश्लेषण का अवसर देता है। उन्होंने राजयोग मेडिटेशन के लाभ बताते हुए कहा कि इससे स्मरण शक्ति, एकाग्रता बढ़ती है, रक्तचाप नियंत्रित रहता है, हृदय स्वास्थ्य बेहतर होता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। ध्यान के माध्यम से आंतरिक शक्तियों का जागरण होता है, जिससे एक शांत, संवेदनशील और श्रेष्ठ समाज की स्थापना संभव है।

आर्ट ऑफ लिविंग की डॉ. सरिता बाजपेयी ने कहा कि ध्यान तनावमुक्त समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ध्यान के दौरान विचारों को रोकने का प्रयास नहीं करना चाहिए, बल्कि उन्हें सहज रूप से स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार शरीर के लिए भोजन आवश्यक है, उसी प्रकार मन की शांति के लिए दिन में कम से कम दो बार ध्यान करना जरूरी है। ध्यान आत्मा का भोजन है, जिससे तनाव बाहर निकलता है और जीवन में शांति, आनंद और प्रसन्नता आती है।

ब्रह्माकुमारी सौम्या दीदी ने कहा कि ध्यान जीवन में शांति प्राप्त करने की एक प्रभावी प्रक्रिया है। यह आत्मा को परमात्मा से जोड़ता है और मन को सशक्त बनाता है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में राजयोग मेडिटेशन तनाव और चिंता से मुक्त होकर खुशहाल जीवन जीने का मार्ग दिखाता है।

कार्यक्रम का सफल और सुचारू संचालन ब्रह्माकुमारी सिमरन दीदी द्वारा किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साधक, योग प्रेमी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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