धर्म रिपोर्ट, 11 जनवरी। Weekend Festival : जब कोई बड़ा पर्व या व्रत शनिवार या रविवार को पड़ता है, तो त्योहार का आनंद दोगुना हो जाता है। दफ्तर और कामकाज की भागदौड़ से राहत मिलने पर लोग पूरे मन से पूजा-पाठ, व्रत और उत्सव मना पाते हैं। ऐसे मौकों पर बाजारों में रौनक बढ़ जाती है और खरीदारी व सजावट के लिए भरपूर समय मिलता है। साल 2026 में कई प्रमुख व्रत-त्योहार वीकेंड पर पड़ रहे हैं, जो लोगों के लिए खास रहने वाले हैं। आइए जानते हैं पूरी सूची-
मौनी अमावस्या– रविवार, 18 जनवरी
मौनी अमावस्या को स्नान, दान और मौन साधना का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से पापों का नाश होता है और आत्मिक शांति मिलती है। यह दिन ध्यान और आध्यात्मिक उन्नति के लिए अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है।
देवशयनी एकादशी– शनिवार, 25 जुलाई
आषाढ़ शुक्ल एकादशी को देवशयनी एकादशी कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु चार माह की योगनिद्रा में प्रवेश करते हैं। इसके साथ ही चातुर्मास आरंभ हो जाता है और मांगलिक कार्य स्थगित रहते हैं।
हरियाली तीज– शनिवार, 15 अगस्त
सावन माह में मनाया जाने वाला हरियाली तीज पर्व शिव-पार्वती की आराधना को समर्पित है। महिलाएं इस दिन व्रत रखकर वैवाहिक जीवन में सुख, प्रेम और परिवार की खुशहाली की कामना करती हैं।
दही हांडी– शनिवार, 5 सितंबर
श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं को समर्पित दही हांडी उत्सव साहस, एकजुटता और उल्लास का प्रतीक है। इस दिन गोपालाओं की टोलियां ऊंचाई पर टंगी मटकी को फोड़ने का प्रयास करती हैं।
पितृपक्ष आरंभ – शनिवार, 26 सितंबर 2026
भाद्रपद पूर्णिमा से पितृपक्ष की शुरुआत होती है। साल 2026 में पितृपक्ष 27 सितंबर से 10 अक्टूबर तक रहेगा। इस दौरान पितरों के निमित्त श्राद्ध और तर्पण किए जाते हैं।
शारदीय नवरात्र आरंभ– रविवार, 11 अक्टूबर
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से शारदीय नवरात्र शुरू होंगे। नौ दिनों तक देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाएगी। व्रत, साधना और कन्या पूजन के साथ नवरात्र का समापन होता है।
अहोई अष्टमी– रविवार, 1 नवंबर
यह व्रत माताएं संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए रखती हैं। कार्तिक कृष्ण अष्टमी को अहोई माता की विधिवत पूजा की जाती है।
छोटी दिवाली (नरक चतुर्दशी)– शनिवार, 7 नवंबर
इस दिन यमराज की पूजा और दीपदान का विशेष महत्व है। मान्यता है कि नरक चतुर्दशी पर दीपदान करने से स्वास्थ्य लाभ और दीर्घायु का आशीर्वाद मिलता है।
दिवाली– रविवार, 8 नवंबर
कार्तिक अमावस्या को मनाई जाने वाली दीपावली पर लक्ष्मी-गणेश की पूजा कर सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। मान्यता है कि इस रात देवी लक्ष्मी भक्तों के घर पधारती हैं।
देवउठनी एकादशी– शनिवार, 21 नवंबर
कार्तिक शुक्ल एकादशी को देवउठनी एकादशी मनाई जाती है। इस दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागते हैं और चातुर्मास समाप्त हो जाता है। इसके साथ ही विवाह और अन्य शुभ कार्यों की फिर से शुरुआत हो जाती है।
कुल मिलाकर, 2026 में कई बड़े व्रत-त्योहार वीकेंड पर पड़ रहे हैं, जिससे लोगों को धार्मिक अनुष्ठान और उत्सव पूरे उत्साह के साथ मनाने का अवसर मिलेगा।

