रायपुर, 25 मार्च। Chamber of Commerce : छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी ने व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए एक बड़ी पहल करते हुए विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों की सलाहकार टीम गठित की है। इस कदम का उद्देश्य व्यापारियों को तकनीकी और कानूनी जटिलताओं से राहत दिलाना और उन्हें सही मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।
चेम्बर द्वारा गठित यह विशेषज्ञ टीम जीएसटी, आयकर, बैंकिंग, एमएसएमई और श्रम कानून जैसे विषयों पर व्यापारियों को सीधे सहायता प्रदान करेगी। जीएसटी एवं अप्रत्यक्ष कर विभाग में चेतन तारवानी, दयाल राजपाल, रवि ग्वालानी, योगेश वल्र्यानी, भावेश मित्तल, जितेन्द्र खनूजा, नितिन गोयल और रश्मि वर्मा सहित 23 विशेषज्ञों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर, भिलाई समेत विभिन्न शहरों के व्यापारियों को सलाह देंगे।
प्रदेशभर के विशेषज्ञ जुड़े
आयकर एवं मुकदमेबाजी से जुड़े मामलों के लिए हार्दिक पाटनी, मुकुल चोरड़िया, डिंपल वल्र्यानी और रितेश जायसवाल सहित 9 विशेषज्ञों की टीम बनाई गई है, जो आयकर नोटिस और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं में सहयोग करेगी।
वहीं, एमएसएमई सब्सिडी, बैंकिंग और वित्त से संबंधित विषयों पर छोटे और मध्यम उद्योगों को सहायता देने के लिए अरिहंत जैन, दाहवाल शाह और विक्रम देवनानी सहित 9 सलाहकार नियुक्त किए गए हैं। श्रम कानून और रेरा से जुड़े मामलों के लिए हिमांशु लालवानी और सीए टुटेजा को जिम्मेदारी दी गई है।
प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी ने कहा कि व्यापारियों को अक्सर जीएसटी, आयकर और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों के कारण मानसिक और आर्थिक दबाव झेलना पड़ता है। इस पहल का उद्देश्य “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” को जमीन पर उतारना है, ताकि व्यापारी बिना डर और परेशानी के अपना व्यवसाय बढ़ा सकें।
उन्होंने कहा कि यह एडवाइजरी टीम केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि फील्ड में उतरकर व्यापारियों की समस्याओं का समाधान करेगी। अब किसी भी व्यापारी को नोटिस या कानूनी जटिलताओं से घबराने की जरूरत नहीं है, चेम्बर की टीम उनके साथ खड़ी है।
इस पहल का स्वागत करते हुए चैंबर पदाधिकारियों (Chamber of Commerce) और प्रदेशभर के व्यापारी संगठनों ने इसे ऐतिहासिक और व्यापार हित में लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय बताया है

