रायपुर, 04 अप्रैल। Congress Vs BJP : छत्तीसगढ़ में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के एक ताज़ा आदेश ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। प्रदेश कांग्रेस की ओर से जारी निर्देश में नेताओं को साफ तौर पर कहा गया है कि वे सत्ताधारी भाजपा के नेताओं के साथ किसी भी मंच पर नजर न आएं।
जारी आदेश के मुताबिक, कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता किसी भी कार्यक्रम या सार्वजनिक आयोजन में भाजपा नेताओं के साथ मंच साझा नहीं करेंगे। यह आदेश रायपुर ग्रामीण जिला अध्यक्ष पप्पू बंजारे की ओर से जारी किया गया है, जिसे लेकर अब राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
भाजपा का पलटवार
कांग्रेस के इस फैसले पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। राजनांदगांव से भाजपा सांसद संतोष पांडेय ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यह ‘दीपक बैज का रोका-छेका’ है और पार्टी के अंदर भगदड़ मची हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को स्वतंत्र नहीं छोड़ना चाहती, बल्कि उन्हें ‘गुलाम’ बनाकर रखना चाहती है।
सियासी मायने
कांग्रेस का यह फैसला (Congress Vs BJP) ऐसे समय आया है जब राज्य में राजनीतिक सक्रियता बढ़ रही है। माना जा रहा है कि पार्टी संगठन अनुशासन को मजबूत करने और राजनीतिक दूरी बनाए रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। अब देखना होगा कि इस आदेश का जमीनी स्तर पर कितना असर पड़ता है और सियासी टकराव किस दिशा में जाता है।

