Kidnapping Case : कर्मों का फल हाथों हाथ मिला…! प्रेम प्रसंग में पिता और 2 बच्चों का किडनैपिंग…सड़क हादसे में 3 आरोपियों की मौत…कार में पिचक गई तीनों की लाश…सभी पीड़ित सुरक्षित

Kidnapping Case : कर्मों का फल हाथों हाथ मिला…! प्रेम प्रसंग में पिता और 2 बच्चों का किडनैपिंग…सड़क हादसे में 3 आरोपियों की मौत…कार में पिचक गई तीनों की लाश…सभी पीड़ित सुरक्षित

बरेली/गुरुग्राम, 07 अप्रैल। Kidnapping Case : हरियाणा के गुरुग्राम से ऑटो चालक मनोज और उनके दो मासूम बेटों के अपहरण का मामला एक दर्दनाक सड़क हादसे के साथ खत्म हो गया। बदमाश बच्चों को बोलेरो में शिफ्ट कर रहे थे, तभी बरेली-रामपुर हाईवे पर उनकी गाड़ी ट्रक से टकरा गई। इस भीषण हादसे में तीन आरोपियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक घायल है।

रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा

बरेली के सीबीगंज थाना क्षेत्र में रविवार शाम तेज रफ्तार बोलेरो आगे चल रहे ट्रक टैंकर से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो कार में तीन युवकों की लाशें फंसी थीं, वहीं एक आरोपी और दो छोटे बच्चे बेहोश हालत में मिले। सभी को तुरंत अस्पताल भेजा गया। बच्चों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

ऐसे खुला किडनैपिंग का राज

घटना के बाद पुलिस को जब बच्चों की हालत (Kidnapping Case) और आरोपियों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं, तो जांच शुरू की गई। मोबाइल जांच और पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों बच्चे गुरुग्राम से किडनैप किए गए थे। 4 अप्रैल को डीएलएफ फेज-1 इलाके से ऑटो चालक मनोज और उनके 6 साल के बेटे मयूर व 3 साल के लक्ष्य का अपहरण किया गया था।

पिता और बच्चों का अलग-अलग जगह कत्ल करने का था प्लान

अपराधियों की योजना मनोज और उसके मासूम बेटों की अलग-अलग हत्या करने की थी। इसी मकसद से वे सीधे हरियाणा से बरेली गए, जहां उन्होंने मनोज को एक बंद घर के कमरे में कैद कर दिया; इसके बाद वे मासूम बच्चों को एक कार में बिठाकर हाईवे की ओर निकल पड़े। वहां, 5 अप्रैल की शाम को, कार एक भयानक दुर्घटना का शिकार हो गई, जब वह सड़क किनारे खड़े एक टैंकर से जा टकराई। इस घटना के परिणामस्वरूप, अपराधी मनमोहन सिंह, सिकंदर सिंह और विशेष कुमार की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कार चला रहे अपराधी प्रिंस और दोनों मासूम बच्चों को गंभीर चोटें आईं।

धमकी और फिरौती का खेल

पुलिस की जांच में एक बिल्कुल ही अलग तस्वीर सामने आई। जब घायल ड्राइवर, प्रिंस से पूछताछ की गई, तो उसने सच उगल दिया। मनमोहन सिंह के पिता, नाथू लाल, ही इस पूरी साज़िश के सरगना थे, और उन्हीं के उकसाने पर सभी बदमाशों ने इस अपराध को अंजाम देने का फ़ैसला किया था। मनोज की पत्नी पूजा के अनुसार, बदमाशों ने फोन कर जान से मारने की धमकी दी थी और पुलिस को सूचना देने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी थी।

प्रेम प्रसंग बना किडनैपिंग की वजह

जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी मनमोहन का मनोज की भांजी से प्रेम संबंध था। वह उससे शादी करना चाहता था, लेकिन मनोज इस रिश्ते के खिलाफ था। इसी रंजिश में मनमोहन ने अपने साथियों सिकंदर, विशेष और प्रिंस के साथ मिलकर अपहरण की साजिश रची।

पुलिस की बड़ी कार्रवाई

हादसे में मनमोहन, सिकंदर और विशेष की मौत। आरोपी प्रिंस घायल, अस्पताल में इलाज जारी। मनोज को फरीदपुर से सकुशल बरामद किया गया। बच्चों का अस्पताल में इलाज जारी। बरेली पुलिस ने पूरी जानकारी हरियाणा पुलिस को सौंप दी है, जो अब मामले की आगे की जांच करेगी।

एक सोची-समझी साजिश, फिरौती और धमकी से शुरू हुआ यह मामला आखिरकार एक सड़क हादसे (Kidnapping Case) में खत्म हो गया। गनीमत रही कि दोनों मासूम बच्चों की जान बच गई, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर रिश्तों के नाम पर अपराध की भयावह सच्चाई को उजागर कर दिया।

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