अंबिकापुर, 28 अप्रैल। Ambikapur Fire Case : छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में हुए बहुचर्चित मुकेश पटाखा-प्लास्टिक अग्निकांड मामले में जांच अब तेज हो गई है। कलेक्टर द्वारा गठित उच्च स्तरीय संयुक्त कमेटी ने घटनास्थल पर जांच शुरू कर दी है, जिससे आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
क्या है पूरा मामला?
23 अप्रैल को शहर के घनी आबादी वाले इलाके में स्थित मुकेश पटाखा और प्लास्टिक दुकान में भीषण आग लग गई थी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वहां अवैध रूप से पटाखों का भारी भंडारण किया गया था, जिसने आग को और भयानक बना दिया।
फोरेंसिक जांच में क्या मिला?
घटना की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक एक्सपर्ट टीम मौके पर पहुंची और जले हुए पटाखों के रैपर, खाली खोखे और प्लास्टिक सामग्री के अवशेष को सैंपल के रूप में जब्त किया गया। इनकी जांच से आग लगने के असली कारणों का खुलासा हो सकता है।
7 दिन में आएगी रिपोर्ट
उच्च स्तरीय संयुक्त कमेटी को 7 दिनों के भीतर कलेक्टर को रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर सख्त कार्रवाई तय मानी जा रही है।
जनता में भारी आक्रोश
घनी आबादी में अवैध पटाखा भंडारण को (Ambikapur Fire Case) लेकर लोगों में जबरदस्त नाराजगी है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

