POCSO Case : बिलासपुर में 5 साल की बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म…! दो किशोर दोषी करार…किशोर न्याय बोर्ड ने सुनाई 3 साल सम्प्रेषण गृह की सजा

POCSO Case : बिलासपुर में 5 साल की बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म…! दो किशोर दोषी करार…किशोर न्याय बोर्ड ने सुनाई 3 साल सम्प्रेषण गृह की सजा

बिलासपुर, 06 जुलाई। POCSO Case : बिलासपुर के कोनी थाना क्षेत्र में वर्ष 2024 में दर्ज 5 वर्षीय बालिका से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में किशोर न्याय बोर्ड ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। उपलब्ध साक्ष्यों और प्रभावी पुलिस विवेचना के आधार पर दो विधि से संघर्षरत किशोरों को दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष के लिए सम्प्रेषण गृह भेजने का आदेश दिया गया है।

पुलिस के अनुसार, मार्च 2024 में दर्ज इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल अपराध पंजीबद्ध कर वैज्ञानिक और विधिसम्मत तरीके से जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान पीड़िता और अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए, आवश्यक चिकित्सीय परीक्षण कराए गए तथा साक्ष्यों के आधार पर दोनों किशोरों को अभिरक्षा में लेकर किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

जांच पूरी होने के बाद भारतीय दंड संहिता की तत्कालीन लागू धाराओं 376(डी)(बी) तथा POCSO अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत आरोपपत्र प्रस्तुत किया गया।

विवेचना की अदालत ने भी सराहना की

अपने निर्णय में किशोर न्याय बोर्ड ने कहा कि विवेचना विधिसम्मत, निष्पक्ष और त्रुटिरहित रही तथा उपलब्ध साक्ष्य आरोप सिद्ध करने के लिए पर्याप्त पाए गए। इसके आधार पर दोनों किशोरों को दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष के लिए सम्प्रेषण गृह भेजने का आदेश दिया गया।

विवेचना अधिकारी को मिलेगा पुरस्कार

इस प्रकरण की विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक गोपाल सतपथी ने की थी। प्रभावी विवेचना के चलते दोषसिद्धि सुनिश्चित होने पर उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, बिलासपुर ने उनकी सराहना करते हुए उन्हें पुरस्कृत करने की घोषणा की है। चूंकि मामले में आरोपी विधि से संघर्षरत किशोर हैं, इसलिए उनकी पहचान कानून के तहत सार्वजनिक नहीं की जाती।

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छत्तीसगढ जुर्म