रायपुर, 02 सितंबर। Chhattisgarh Chamber Meeting: छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने व्यापारिक हितों और संगठन की मजबूती को लेकर रायपुर में महत्वपूर्ण तिमाही समीक्षा एवं योजना बैठक आयोजित की। प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी के मार्गदर्शन और प्रदेश कोषाध्यक्ष निकेश बरड़िया की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में रायपुर संभाग की विभिन्न इकाइयों के पदाधिकारियों ने व्यापारियों की जमीनी समस्याओं और आगामी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक में GST की तकनीकी दिक्कतों, ऑनलाइन बाजार से छोटे व्यापारियों पर पड़ रहे प्रभाव, ट्रेड लाइसेंस, बिजली व्यवस्था, पार्किंग और बाजारों के बुनियादी ढांचे जैसे अहम मुद्दे प्रमुखता से उठे। कार्यक्रम का संचालन एवं संयोजन चेम्बर के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष और रायपुर संभाग प्रभारी जसप्रीत सिंह सलूजा ने किया।
पहली बार संभाग स्तर पर सीधा संवाद
जसप्रीत सिंह सलूजा ने कहा कि किसी भी संस्था की सबसे बड़ी ताकत उसकी सदस्यता होती है। प्रदेश स्तर की बड़ी बैठकों में सभी क्षेत्रीय इकाइयों को अपनी समस्याएं और गतिविधियां विस्तार से रखने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाता।
इसी को ध्यान में रखते हुए सतीश थौरानी के मार्गदर्शन में पहली बार संभाग स्तरीय बैठक आयोजित की गई, ताकि चेम्बर नेतृत्व का सीधा संवाद प्रत्येक इकाई से हो सके और प्रदेश के अंतिम छोर तक मौजूद व्यापारी की समस्याएं सीधे संगठन तक पहुंच सकें। उन्होंने सभी इकाइयों से 20 अप्रैल 2025 से अब तक आयोजित कार्यक्रमों और गतिविधियों की जानकारी चेम्बर कार्यालय को भेजने की अपील की, जिससे सभी कार्यों का संकलन कर व्यापारिक हित में आगे की रणनीति बनाई जा सके।
छोटे व्यापारियों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता
चेम्बर के कार्यकारी अध्यक्ष राधाकिशन सुंदरानी ने कहा कि संगठन की प्राथमिकता छोटे व्यापारियों की समस्याओं को समझना और उनके समाधान के लिए प्रभावी पहल करना है। उन्होंने कहा कि व्यापारी सुबह से रात तक अपने व्यवसाय में व्यस्त रहते हैं, इसलिए उनके स्वास्थ्य की चिंता भी जरूरी है। चेम्बर के माध्यम से रायपुर के बड़े अस्पतालों के साथ एमओयू किए गए हैं, जिसके तहत व्यापारी और उनके परिजन अस्पताल में भर्ती होने पर 15 से 20 प्रतिशत तक मेडिकल छूट का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
समस्याएं शासन तक पहुंचाने का प्रयास
कार्यकारी अध्यक्ष राजेश वासवानी ने कहा कि संभाग स्तरीय बैठक में विभिन्न इकाइयों ने अपनी समस्याएं और सुझाव रखे हैं। चेम्बर इन मुद्दों को शासन और प्रशासन के समक्ष पहुंचाकर समाधान कराने का प्रयास करेगा। उन्होंने कहा कि चेम्बर व्यापारियों की मातृ संस्था है और इसे मजबूत बनाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
अंतिम छोर के व्यापारी तक पहुंचेगी आवाज: निकेश बरड़िया
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश कोषाध्यक्ष निकेश बरड़िया ने कहा कि विशाल प्रदेश कार्यकारिणी की बैठकों में क्षेत्रीय इकाइयों को अपनी समस्याएं और योजनाएं विस्तार से रखने का पूरा अवसर नहीं मिल पाता था। उन्होंने कहा कि संभाग स्तरीय बैठकों की इस नई पहल से अब प्रदेश के अंतिम छोर के व्यापारी की आवाज और जमीनी समस्याएं सीधे चेम्बर नेतृत्व तक पहुंचेंगी। इससे स्थानीय व्यापारिक समस्याओं के त्वरित निराकरण और व्यापारी वर्ग के हितों की मजबूती से रक्षा में मदद मिलेगी।
सड़क, बिजली, पार्किंग और पिंक टॉयलेट पर जोर
निकेश बरड़िया ने इकाई पदाधिकारियों से क्षेत्रीय बाजारों के सुदृढ़ीकरण के लिए विशेष प्रयास करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बाजार क्षेत्रों में, बेहतर सड़क व्यवस्था। बिजली की सुचारु आपूर्ति। निकासी व्यवस्था। पार्किंग सुविधा। महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट, जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में काम किया जाना चाहिए।
उन्होंने GST से संबंधित सुझाव और समस्याओं के लिए सीए एसोसिएशन से समन्वय करने की भी बात कही। साथ ही व्यापार के बदलते स्वरूप को देखते हुए व्यापारियों और नई पीढ़ी को आधुनिक तकनीक से अपडेट रहने पर जोर दिया।
ऑनलाइन बाजार से छोटे व्यापारियों की बढ़ी चिंता
बैठक के दौरान विभिन्न इकाइयों के पदाधिकारियों ने व्यापारियों की व्यावहारिक समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। वक्ताओं ने कहा कि ऑनलाइन बाजार के बढ़ते प्रभाव से छोटे और खुदरा व्यापारियों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो रही है। इसे देखते हुए ‘वोकल फॉर लोकल’ को जनआंदोलन का रूप देने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इसके अलावा GST की तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए जिला स्तर पर कार्यशालाएं आयोजित करने की मांग भी उठी।
ट्रेड लाइसेंस और चिल्हर की समस्या भी उठी
बैठक में बाजारों में सिक्कों और चिल्हर की कमी का मुद्दा भी सामने आया। पदाधिकारियों ने इस समस्या के समाधान के लिए प्रभावी पहल की जरूरत बताई। स्थानीय प्रशासन द्वारा ट्रेड लाइसेंस के नाम पर बनाए जा रहे अनुचित नियमों का विरोध करने पर भी पदाधिकारियों ने सहमति जताई।
धमतरी से गरियाबंद तक इकाइयों ने रखीं समस्याएं
धमतरी इकाई अध्यक्ष कैलाश कुकरेजा ने कहा कि चेम्बर हर परिस्थिति में व्यापारियों के साथ मजबूती से खड़ा है। ट्रेड लाइसेंस के खिलाफ संघर्ष से लेकर तकनीकी और कानूनी अड़चनों को दूर कराने तक संगठन लगातार काम कर रहा है। धमतरी इकाई के उपाध्यक्ष दिनेश रोहरा ने GST संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए पूरे प्रदेश में GST कार्यशालाएं आयोजित करने का सुझाव दिया।
सरायपाली इकाई के सचिव सेवाशंकर अग्रवाल ने ‘चेम्बर आपके द्वार’ जैसे कार्यक्रम शुरू करने का सुझाव दिया। गरियाबंद जिला चेम्बर मंत्री अरुण कुमार मिश्रा ने गरियाबंद, राजिम और देवभोग में चेम्बर इकाइयों के गठन का सुझाव दिया। बलौदाबाजार इकाई के प्रतिनिधियों ने क्षेत्र में बिजली की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने और बिजली के तार ऊंचे कराने सहित अन्य प्रयासों की जानकारी दी।
तीन महीने की कार्ययोजना भी तैयार
बैठक के दौरान संभाग की सभी इकाइयों के अध्यक्षों ने अप्रैल 2025 से अब तक आयोजित गतिविधियों, जनहित और व्यापारिक कार्यों की विस्तृत लिखित रिपोर्ट प्रदेश कोषाध्यक्ष के समक्ष प्रस्तुत की। इसके साथ ही आगामी तीन महीनों के व्यापार संवर्धन कार्यक्रमों की रूपरेखा भी साझा की गई। नई सदस्यता और संगठन के बढ़ते जनाधार की जानकारी भी बैठक में रखी गई।
योगदान देने वाले पदाधिकारियों का सम्मान
चेम्बर इकाई को मजबूत बनाने में योगदान देने वाले पदाधिकारियों को सम्मानित भी किया गया। धमतरी इकाई के उपाध्यक्ष दिनेश रोहरा, सरायपाली इकाई के उपाध्यक्ष भोजराज अग्रवाल और बलौदाबाजार इकाई के महामंत्री शिव प्रकाश तिवारी को उनके संगठनात्मक योगदान के लिए शॉल भेंटकर सम्मानित किया गया।
व्यापारी हित, सुरक्षा और समृद्धि का लिया संकल्प
बैठक के अंत में प्रदेश कोषाध्यक्ष निकेश बरड़िया के नेतृत्व में सभी पदाधिकारियों ने व्यापारी वर्ग के अधिकारों, सुरक्षा और समृद्धि के लिए सदैव तत्पर रहने का संकल्प लिया। बैठक का समापन राष्ट्रहित और व्यापार हित के नारों तथा सौहार्दपूर्ण वातावरण में आयोजित सामूहिक प्रीतिभोज के साथ हुआ। बैठक का संचालन चेम्बर उपाध्यक्ष मनीष प्रजापति ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन चेम्बर उपाध्यक्ष अमरदास खट्टर ने किया। इस अवसर पर चेम्बर के प्रदेश एवं संभाग स्तर के पदाधिकारी, विभिन्न जिलों और इकाइयों के अध्यक्ष, महामंत्री तथा बड़ी संख्या में व्यापारी प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

