रायपुर, 17 अक्टूबर। Moringa Plantation CG : धमतरी में कुपोषण मुक्ति और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अनूठी और अनुकरणीय पहल की शुरुआत हुई है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत संचालित ‘हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ मुहिम को अब एक जनआंदोलन का रूप दिया जा रहा है, जिसके तहत धमतरी जिले में आयोजित होने वाले सभी विभागीय कार्यक्रमों में अतिथियों के स्वागत के लिए पारंपरिक पुष्पगुच्छ के स्थान पर मुनगा यानी सहजन का पौधा भेंट किए जाने का निर्णय लिया गया है। स्वागत की इस औपचारिकता को बदलकर पौधा भेंट करने की यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण और पौधारोपण को बढ़ावा देगी, बल्कि स्वस्थ समाज और पोषणयुक्त परिवारों के निर्माण की दिशा में सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश भी जन-जन तक पहुंचाएगी।
इस अभियान को धरातल पर प्रभावी ढंग से उतारने के लिए जिला स्तर पर एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें मुनगा पौधों के रोपण, उनकी ऑनलाइन प्रविष्टि, भौतिक सत्यापन और उनके पोषण संबंधी महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई। अभियान में पूरी पारदर्शिता और सटीक डेटाबेस तैयार करने के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान सभी पर्यवेक्षकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे संबंधित कार्यकर्ताओं के माध्यम से रोपित किए गए प्रत्येक मुनगा पौधे की प्रविष्टि अनिवार्य रूप से ‘मुनगा ट्रैकर ऐप’ पर कराएं और दर्ज की गई जानकारी का समय-समय पर सत्यापन सुनिश्चित करें। इस डिजिटल मॉनिटरिंग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पौधरोपण केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि प्रत्येक घर तक मुनगा की उपलब्धता और उसका नियमित उपयोग फलीभूत हो सके।
सुपरफूड मुनगा: कुपोषण के खिलाफ प्राकृतिक ढाल
मुनगा (सहजन) को यूं ही सुपरफूड नहीं कहा जाता, बल्कि इसकी पत्तियां, भाजी और फलियां पोषक तत्वों का खजाना होती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, मुनगा की हरी पत्तियों में विटामिन ए, विटामिन सी, कैल्शियम, आयरन, प्रोटीन और प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट यौगिक पाए जाते हैं। इसकी फलियों का उपयोग सब्जी, दाल और कई पारंपरिक व्यंजनों में किया जाता है, जो शरीर की पोषण संबंधी जरूरतों को आसानी से पूरा करते हैं। विशेष रूप से बढ़ते बच्चों, किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के आहार में विविधता लाने और उनके पोषण स्तर को ऊपर उठाने में यह बेहद कारगर साबित हो सकता है। हालांकि, कुपोषण से पूरी तरह बचाव के लिए मुनगा के साथ-साथ दालों, अनाजों, मौसमी फल-सब्जियों और दूध जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थों का संतुलित सेवन भी आवश्यक है।
जब विभागीय कार्यक्रमों में अतिथियों को मुनगा का पौधा भेंट किया जाएगा, तो वह पौधा लोगों के घरों और आंगनों तक पहुंचेगा, जिससे जिले में पोषण वाटिकाएं विकसित करने की संस्कृति को बल मिलेगा। पौधे की नियमित देखभाल और उसके उपयोग के प्रति प्रेरित होने से यह अभियान केवल एक सरकारी योजना न रहकर सही मायनों में जनभागीदारी का एक सफल उदाहरण बन रहा है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से धमतरी से यह स्पष्ट संदेश जा रहा है कि घर-घर मुनगा का पौधा लगाना दरअसल परिवार-परिवार को पोषणयुक्त बनाने की दिशा में एक बेहद सार्थक और दूरदर्शी कदम है।

