छत्तीसगढ

छत्तीसगढ़ में रेप के मामलों के खिलाफ आक्रोश:राजभवन तक पैदल मार्च निकालेगी भाजपा महिला मोर्चा, 20 फरवरी को पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन

रायपुर, 18 फरवरी। 20 फरवरी को रायपुर में भारतीय जनता पार्टी की महिलाएं प्रदेश सरकार के खिलाफ जबरदस्त विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी में है। रायपुर के बूढ़ा तालाब स्थित धरना स्थल पर सबसे पहले धरना दिया जाएगा। इसके बाद पैदल मार्च की शक्ल में महिलाओं का जत्था राजभवन के लिए रवाना होगा। राज्यपाल को प्रदेश सरकार के खिलाफ इस दौरान ज्ञापन भी सौंपा जाएगा। गुरुवार को रायपुर के भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में पूर्व मंत्री लता उसेंडी पहुंचीं। उन्होंने इस कार्यक्रम की जानकारी दी।

उसेंडी ने आगे कहा कि 20 फरवरी को रायपुर के विरोध प्रदर्शन के अलावा लगभग हर जिला मुख्यालय में इसी तरह से प्रदर्शन होगा। उन जगहों पर राज्यपाल के नाम का ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा जाएगा। उसेंडी ने कहा कि राज्य में अनाचार की घटनाएं बढ़ रही हैं। सरकार संवेदनशील नहीं है, इस वजह से अपराध की घटनाओं पर लगाम नहीं लग पा रही है। अब प्रदेश की महिलाएं यह सब नहीं सहने वालीं। बजट सत्र के दूसरे सप्ताह में विधानसभा घेराव की भी तैयारी है। इस दौरान भी भारतीय जनता पार्टी की महिला नेता महिलाओं से जुड़े अपराधों में विधानसभा का घेराव करेंगीं।

हर रोज 7 दुष्कर्म के मामले
पूर्व मंत्री लता उसेंडी ने दावा किया है कि बलरामपुर जिले में बीते 9 माह के भीतर 104 ऐसे केस सामने आये हैं जिनमें 79 तो केवल नाबालिग के खिलाफ दुष्कर्म हुए हैं। इसी तरह बिलासपुर में पुलिस विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 जनवरी से 30 अक्टूबर तक जिले के 20 थाना क्षेत्रों में 6 हजार से अधिक अपराध दर्ज किए गए हैं। विधानसभा में छत्तीसगढ़ की सरकार ने स्वीकार किया कि राज्य में 1 जनवरी 2019 से 31 जनवरी 2020 तक डकैती, लूट, हत्या, बलात्कार और अन्य अपराधों के 17,009 मामले सामने आये हैं। इस दौरान केवल बलात्कार के ही 2,575 मामले सामने आए हैं। इस तरह से देखा जाए तो दुष्कर्म की लगभग 7 घटनाएं रोज सामने आ रही हैं।

राष्ट्रपति के दत्तक पुत्रों को नहीं छोड़ा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला नेताओं ने कहा कि राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र के रूप में प्रसिद्ध बैगा जनजाति की नाबालिग बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म और पिता भाई समेत उनकी ह्त्या कर दी गई। कोरबा में हुई इस घटना ने तो प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। लेकिन फिर ही प्रदेश सरकार की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है।

ऐसा ही एक मामला जशपुर का भी है। यहां की एक बेटी को छः बार अलग.अलग लोगों को बेचा गया। उसने आत्महत्या कर ली। छत्तीसगढ़ देश में मानव तस्करी का एक केन्द्र बनता जा रहा है। इस संबध में पीड़िता के पिता ने पुलिस थाने में 6 माह पूर्व शिकायत थी। इस सबके बाद भी पुलिस ने कार्रवाई के नाम पर कुछ भी नही किया था।

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