पंजाब कांग्रेस की कलह: सक्रिय हुआ आलाकमान, तीन नेताओं की कमेटी बनाई, रावत ने जाखड़ पर कही बड़ी बात

चंडीगढ़, 29 मई। पंजाब कांग्रेस की अंतर्कलह पर पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व जाग गय है। पंजाब कांग्रेस में कलह हो को दूर करने के लिए पार्टी आलाकमान सक्रिय हो गया है। आलाकमान ने विवाद के हल के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है। इसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, पार्टी के पंजाब प्रभारी हरीश रावत और जयप्रकाश अग्रवाल को शामिल किया गया है। दूसरी ओर, हरीश रावत ने पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष सुनील जाखड़ को लेकर बड़ा बयान दिया है। रावत ने कहा कि जाखड़ को हटाने का पार्टी का कोई इरादा नहीं है।
पार्टी ने बनाई खड़गे, रावत और जय प्रकाश अग्रवाल की अगुवाई में कमेटी
पिछले लंबे समय से कांग्रेस में चल रहे घमासान पर नकेल कसने के लिए पार्टी हाई कमान ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है। जिसमें पंजाब मामलों के प्रभारी हरीश रावत , मल्लिकार्जुन खड़गे और जय प्रकाश अग्रवाल को शामिल किया गया है। पंजाब कांग्रेस के प्रधान सुनील जाखड़ ने कमेटी बनाए जाने की पुष्टि की है।
बेअदबी कांड समेत अन्य मुद्दों को लेकर पार्टी के राज्य सभा सदस्यों, मंत्रियों और विधायकों की मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ बढ़ रही खींचतान को लेकर पिछले दो महीनों से लगातार खबरें सुर्खियों में रही हैं । इसका असर 2022 के चुनाव में बुरा प्रभाव पड़ सकता है। मुख्यमंत्री से नाराज पार्टी का एक वर्ग अपनी बात को राहुल गांधी के सामने रखने के लिए लंबे समय से समय मांग रहा है। इसको लेकर मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, चरणजीत सिंह चन्नी, परगट सिंह, नवजोत सिंह सिद्धू आदि के बीच भी बैठकें हो चुकी हैं। पहले इन नेताओं की राहुल गांधी से वर्चुअल बैठक करवाने की खबरें आ रही थीं लेकिन इन नेताओं की जिद थी कि वह आमने सामने बैठकर अपनी बात रखेंगे।
इन नाराज विधायकों की समस्या आदि के बारे में जानने और उसका हल सुझाने के लिए हाई कमान ने एक तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है जिसमें पंजाब मामलों के प्रभारी हरीश रावत, मल्ल्किाअर्जुन खड़गे और जयप्रकाश अग्रवाल शामिल हैं। कमेटी सभी विधायकों और सीनियर नेताओं के साथ बात करेगी।
हरीश रावत बोले- जाखड़ को बदलने का हमारा अभी कोई इरादा नहीं, सिद्धू पार्टी प्लेटफार्म पर ही करें
पूरे मामले में कांग्रेस के महासचिव व पार्टी के प्रभारी हरीश रावत ने कहा है कि पंजाब में चल रही अंतरकलह को जल्द ही दूर कर लिया जाएगा। उनका कहना है कि कांग्रेस के प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ को बदलने को लेकर अभी हमारा कोई इरादा नहीं है। वहीं, उन्होंने पंजाब कांग्रेस में अंतरकलह की जड़ को संवादहीनता को बताया है। उनका कहना है कि जब संवादहीनता होती है तो एसी स्थितियां बन जाती है। पंजाब के कई नेता संवाद करना चाहते है। पार्टी हाईकमान की तरफ से बनाई गई कमेटी उन्हें यह मौका देगी।
पंजाब कांग्रेस प्रधान सुनील जाखड़ की फाइल फोटो।
अंतरकलह का हल ढूंढने के लिए कल से ही सक्रिय होगी केंद्रीय कमेटी
दरअसल, पंजाब कांग्रेस के प्रदेश प्रधान की कुर्सी को लेकर शुरू हुई खींचतान से पार्टी की अंतरकलह शुरू हुई थी। बताया जाता है कि पार्टी हाईकमान नवजोत सिंह सिद्धू को प्रदेश प्रधान बनाना चाहती थी, लेकिन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह इसके खिलाफ थे। हरीश रावत ने भले ही कभी इस बात को नहीं स्वीकार किया लेकिन इस बात की पुष्टि खुद कैप्टन पहले ही कर चुके है। माना जाता रहा है कि यह कलह बढ़ते-बढ़ते बेअदबी और गोलीकांड तक पहुंच गई। इसमें फिर बाद में पार्टी के मंत्री और सांसद तक शामिल हो गए। वहीं, हरीश रावत ने स्पष्ट किया है कि जाखड़ को बदलने का अभी कोई इरादा नहीं है।
रावत ने कहा- विवाद का कारण नेताओं में संवादहीनता
वहीं, रावत ने कहा कि हाईकमान ने जो तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है, उसकी पहली बैठक शनिवार को दिल्ली में होगी। इसमें तय किया जाएगा कि किस प्रकार से इस समस्या का हल निकला जाए। उन्होंने कहा कि कमेटी दिल्ली में संबंधित लोगों को बुलाएगी या खुद पंजाब आएगी इसका फैसला बैठक में ही लिया जाएगा। लेकिन, बात मुख्यमंत्री, प्रदेश प्रधान से लेकर सांसद, मंत्री व विधायकों तक की जाएगी।
उन्होंने आशा व्यक्ति की कि कमेटी इस समस्या का हल निकाल लेगी। समस्या की जड़ संवादहीनता की कमी है। उन्होंने कहा कि जब संवाद होगा तो इसका हल भी निकल जाएगा। क्योंकि कांग्रेस का लक्ष्य 2022 का है। हमे इस लक्ष्य को पूरा करना है।
नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा मुख्यमंत्री के खिलाफ किए जा रहे ट्वीट को लेकर उन्होंने कहा कि सिद्धू को पार्टी के अंदर की बात पार्टी फोरम पर करना चाहिए और अन्य बातें खुले मंच पर। हम नहीं चाहते ही जो अन्य मुद्दे है उस पर सिद्धू को रोका जाए। वह ट्विटर पर देश दुनिया के अन्य मुद्दों को उठाए लेकिन पार्टी के मुद्दे पार्टी मंच पर ही उठाए।