पूछता है छत्तीसगढ़ का एक छत्तीसगढिया बेटा: प्रदीप साहू

मै #माननीय #मुख्यमंत्री #जी #रायपुर #कलेक्टर #महोदय #रायपुर #पुलिस #अधीक्षक #महोदय #से #पूछना #चाहता हु की अगर कोई भी अन्य संगठन (राज्यपाल भवन) राज्यपाल से मिलने जायेगा तो 15 लोगो से ज्यादा की अनुमति नही मिलती और धारा 144 के तहत वहाँ किसी भी प्रकार से भिड़ भाड़ य नारेबाजी प्रतिबंधित है
क्या इस कठिन परिस्थितियों में जब पूरा प्रदेश आप के द्वारा बनाये गये कोरोना काल के नियम का पालन प्रदेश की हर एक जनता कर रही है इस कठिन समय मे इस तरह कोरोना बम बन कर प्रदर्शन कर रहे सत्ता में बैठे कांग्रेसजनों पर कानूनी कार्यवाही होगी
माननीय कलेक्टर महोदय कॉग्रेसजन पर कार्यवही नही होती तो हम भी राज्यपाल भवन किसी भी समय किसी भी जन हित के मुददो को लेकर बड़ी भीड़ में प्रदर्शन करेंगे
जब पूरे प्रदेश में कोरोना काल में हर आयोजन,आंदोलन विरोध प्रदर्शनों की अनुमति माँगने पर भी अनुमति नही मिलती तो ईसकी अनुमति किसने दी कब दी किसके नाम से दी जब। सभी धार्मिक आयोजन मना हैं मंदिर मस्ज़िद गुरुद्वारा गिरजाघर में जाना मना है मृत्यु में 20 व्यक्ति से ज्यादा जाना मना है विवाह में 50 व्यक्तियों से ज्यादा जाना मना है गणेश पंडाल एव दुर्गा पूजा के लिये 24 कंडिकाओ के क़ानून का शिकंजा कसा गया है आम जनता छोटे व्यपारियों के लिए कानून बने है और सत्ता में बैठे लोगों के लिये कोई कानून नही है
आमजन अगर मास्क ना लगाए तो जुर्माना दुकानदार अगर सोशल डिसटेंसिंग का पालन ना करे तो जुर्माना पर हमारे प्रदेश की सरकार के बड़े नेता जब कोरोना बम के रूप में रैली के नाम पर सब क़ानून की नियमो की धज्जियाँ उड़ाए तो सरकार अंधी हो जाती है कलेक्टर भी चुप्पी साध लेते है पुलिस अधीक्षक दिखते ही नही और सरकार आम जनता के पैसों क करोड़ो रूपये कोरोना के नाम पर विज्ञापन देकर मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री तक अपनी फोटो लगा कर ज्ञान बाटते फिर ते है देखों तो कांग्रेस जन ही नियम को तोड़ते है यह दाऊ जी का दोहराचरित्र है
फिर इनको छूट किस किस नियम के तहत दी गई है
पूछता है छत्तीसगढ़
जवाब दे दाऊ जी