छत्तीसगढ

भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी ठगी: धरमलाल कौशिक

रायपुर। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि 25 सौ रुपए क्विंटल में धान खरीदी और दो साल का बोनस समेत अन्य बड़े-बड़े वादे कर सत्ता में आयी कांग्रेस ने, भारतीय लोकतंत्र के इतिहास की सबसे बड़ी ठगी को अंजाम दिया है। उन्होंने कहा कि सीएम बघेल ने अपने वादे से मुकर कर लोकतंत्र में भरोसे का संकट पैदा कर दिया है।

नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि किसानों के साथ ये सबसे बड़ा छलावा है कि कांग्रेस की सरकार 2500 प्रति किंवटल कि दर से खरीदने के लिए एक अध्ययन दल बनाया गया है। इससे पूर्व भी शराब बंदी के लिए दिये एक इसी तरह का दल गठित किया गया था जिसे लेकर अभी तक कोई रिपोर्ट पेश नही की गई थी जो कई संदेह को जन्म देता है।
नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि भाजपा लगातार कांग्रेस सरकार की नीयत पर सवाल उठाती रही थी। पार्टी को हमेशा यह संदेह था कि कांग्रेस छत्तीसगढ़ के किसानों को धोखा देने वाली है लेकिन, वह इतना बड़ा छल करेगी यह अकल्पनीय था। उन्होंने कहा कि हालांकि भाजपा बिल्कुल चुप नही बैठने वाली है। प्रदेश के मेहनतकश किसानों की उनकी फसल का उचित मूल्य देने पर पार्टी कांग्रेस सरकार को मजबूर करके रहेगी। कौशिक ने कहा कि कोई भी इधर-उधर की बात पर भाजपा विषय से भटकने वाली नही है। पार्टी किसानों की इस लड़ाई को सदन से लेकर सड़क और जरूरी हुई तो कोर्ट तक में ले जाकर लड़ने के लिये तैयार है। उन्होंने कहा कि यह मामला अब आगे जा कर मतदाताओं का लोकतंत्र के प्रति भरोसे को तोड़ने तक पहुँच गया है। कांग्रेस को बिल्कुल यह अधिकार नही है कि वह इस तरह का छल अन्नदाताओं के साथ करे। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व सत्र 2018-19 में धान 2500 रूपये की दर में खरीदा था लेकिन इस बार ऐसी क्या बात आ गई कि 2500 रूपये प्रति किंवटल की दर से खरीदने को लेकर बहाने बना रहे हैं।
धान खरीदी मामले पर मंत्रीमंडलीय समिति के गठन पर कौशिक ने सवाल पूछा कि इससे पहले शराबबंदी पर गठित समिति ने क्या किया है? नगरीय निकाय चुनाव पर गठित कथित समिति चंद घंटे में फैसला दे देती है जबकि शराबबंदी पर गठित कमिटी का कोई अता-पता नही है। उन्होंने कहा कि ऐसा किसानों के मामले में भी करना निंदनीय है। कौशिक ने सदन में घोषणा कर वादा के अनुसार धान खरीदने से इनकार करने को छत्तीसगढ़ के विधायी इतिहास का एक स्याह इतिहास भी बताया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button