Samrat Choudhary Cabinet : बिहार की राजनीति ने दिया बड़ा संदेश…! जिस मंत्री पर भड़की थीं मैथिली ठाकुर…सम्राट कैबिनेट से मंगल पांडेय हुआ OUT

Samrat Choudhary Cabinet : बिहार की राजनीति ने दिया बड़ा संदेश…! जिस मंत्री पर भड़की थीं मैथिली ठाकुर…सम्राट कैबिनेट से मंगल पांडेय हुआ OUT

नई दिल्ली, 07 मई। Samrat Choudhary Cabinet : बिहार में सम्राट चौधरी सरकार के कैबिनेट विस्तार में बड़ा बदलाव देखने को मिला। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली। मैथिली ठाकुर के साथ सदन में हुई बहस की चर्चा फिर तेज हो गई है।

बिहार की राजनीति में गुरुवार को बड़ा सियासी संदेश देखने को मिला। सम्राट चौधरी की अगुवाई वाली नई सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में बीजेपी के दिग्गज नेता और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय को जगह नहीं मिली। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

32 नेताओं ने ली मंत्री पद की शपथ

सम्राट सरकार में कुल 32 नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। इनमें बीजेपी कोटे से 15, जेडीयू से 13, चिराग पासवान की पार्टी से 2 और जीतनराम मांझी व उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी से एक-एक मंत्री शामिल किए गए हैं। हालांकि सबसे ज्यादा चर्चा मंगल पांडेय के कैबिनेट से बाहर होने को लेकर हो रही है।

मंगल पांडेय बिहार बीजेपी के बड़े चेहरों में गिने जाते हैं और वे लंबे समय तक स्वास्थ्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। लेकिन इस बार बीजेपी ने उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया। उनके साथ नारायण प्रसाद और सुरेंद्र मेहता का भी पत्ता कट गया।

मैथिली ने सदन में उठाया था अस्पतालों की बदहाली मुद्दा

मंगल पांडेय का नाम हाल ही में उस वक्त सुर्खियों में आया था, जब मशहूर लोक गायिका और बीजेपी विधायक मैथिली ठाकुर ने विधानसभा में अपने क्षेत्र के अस्पतालों की बदहाली का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया था।

बजट सत्र के दौरान मैथिली ठाकुर ने सदन में कहा था कि उनके क्षेत्र के अस्पतालों की हालत बेहद खराब है। उन्होंने आरोप लगाया था कि अस्पताल की छत से प्लास्टर गिर रहा है, दीवारों में दरारें हैं और बारिश में वार्डों में पानी भर जाता है। उन्होंने सवाल उठाया था कि हर साल स्वास्थ्य बजट बढ़ने के बावजूद अस्पतालों की हालत क्यों नहीं सुधर रही।

तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने जवाब देते हुए कहा था कि सरकार अस्पतालों की नई बिल्डिंग और मरम्मत को लेकर गंभीर है और कई परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है। हालांकि मैथिली ठाकुर उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हुई थीं और उन्होंने सदन में ही कहा था कि कागजों पर सब ठीक दिखाया जा रहा है, लेकिन जमीनी स्थिति बिल्कुल अलग है।

उस दौरान सदन का माहौल भी कुछ देर के लिए गरमा गया था। अब तीन महीने बाद जब बिहार में सत्ता परिवर्तन हुआ और सम्राट चौधरी की अगुवाई (Samrat Choudhary Cabinet) में नई कैबिनेट बनी, तो मंगल पांडेय को जगह नहीं मिली। इसके बाद राजनीतिक हलकों में इस पूरे घटनाक्रम को जोड़कर देखा जा रहा है। फिलहाल बिहार की नई कैबिनेट को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं और आने वाले दिनों में विभागों के बंटवारे पर भी सभी की नजर बनी हुई है।

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