Balodabazar Violence Case : बलौदाबाजार हिंसा मामला…! अमित बघेल को बड़ा झटका…हाई कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका

Balodabazar Violence Case : बलौदाबाजार हिंसा मामला…! अमित बघेल को बड़ा झटका…हाई कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका

बिलासपुर, 18 मई। Balodabazar Violence Case : बिलासपुर उच्च न्यायालय ने 10 जून 2024 को हुए बलौदाबाजार कलेक्ट्रेट हिंसा और आगजनी मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। छत्तीसगढ़ क्रांति सेना प्रमुख अमित बघेल को राहत देने से इनकार करते हुए हाई कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है।

मामले में बलौदाबाजार सिटी कोतवाली थाना में अमित बघेल और उनके सहयोगियों के खिलाफ चार अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस जांच में गवाहों के बयान, सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल्स और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की संलिप्तता सामने आने का दावा किया गया है।

कोर्ट में पेश केस डायरी के अनुसार घटना के दौरान अमित बघेल, अजय यादव एवं दिनेश कुमार वर्मा की मौके पर मौजूदगी और भीड़ को उकसाने में सक्रिय भूमिका प्रथम दृष्टया पाई गई है।

सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने कहा कि जांच में पर्याप्त सामग्री मौजूद है, जो आरोपियों की कथित साजिश में केंद्रीय भूमिका की ओर संकेत करती है। कोर्ट ने यह भी माना कि यह मामला सामान्य अपराध नहीं बल्कि सार्वजनिक व्यवस्था और राज्य की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर प्रकरण है। इसलिए यूएपीए सहित विशेष कानूनों के तहत तय वैधानिक मानदंड लागू होंगे।

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अमित बघेल के खिलाफ 17, अजय यादव के खिलाफ 13 और दिनेश कुमार वर्मा के खिलाफ एक अन्य मामला लंबित है। ऐसे में अन्य आरोपियों को मिली जमानत के आधार पर समानता का दावा स्वीकार नहीं किया जा सकता।

हालांकि हाई कोर्ट ने यह छूट दी है कि यदि संरक्षित गवाहों की गवाही पूरी हो जाती है या आदेश की तारीख से एक वर्ष की अवधि पूरी हो जाती है, तो आरोपी दोबारा जमानत याचिका दायर कर सकते हैं।

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