Kanwar Yatra 2026 : कांवड़ यात्रा में हुआ चमत्कार…! हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रही महिला ने जुड़वां बेटों को दिया जन्म…SSP ने नाम रखा ‘गणेश’ और ‘कार्तिकेय’

Kanwar Yatra 2026 : कांवड़ यात्रा में हुआ चमत्कार…! हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रही महिला ने जुड़वां बेटों को दिया जन्म…SSP ने नाम रखा ‘गणेश’ और ‘कार्तिकेय’

मुजफ्फरनगर, 04 अगस्त। Kanwar Yatra 2026 : सावन के पावन महीने में चल रही कांवड़ यात्रा के बीच एक भावुक और प्रेरणादायक घटना सामने आई। हरिद्वार और नीलकंठ से गंगाजल लेकर दिल्ली लौट रही नेहा भोली को रास्ते में अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। स्थानीय लोगों और पुलिस की तत्परता से उन्हें तुरंत जिला महिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उन्होंने जुड़वां बेटों को जन्म दिया।

राहत की बात यह है कि मां और दोनों नवजात सुरक्षित हैं।

पुलिस की तत्परता से बची मां और बच्चों की जान

यात्रा के दौरान साथियों से संपर्क टूटने के बाद नेहा अकेले आगे बढ़ रही थीं। मुजफ्फरनगर पहुंचते ही प्रसव पीड़ा शुरू होने पर पुलिस और स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की टीम ने सफल प्रसव कराया।

SSP ने रखा बच्चों का नाम ‘गणेश’ और ‘कार्तिकेय’

घटना की जानकारी मिलने पर मुजफ्फरनगर के SSP संजय कुमार वर्मा और SP City अमृत जैन अस्पताल पहुंचे। मां की सहमति से SSP ने दोनों नवजात बेटों का नाम ‘गणेश’ और ‘कार्तिकेय’ रखा। इसके बाद उन्होंने बच्चों को उपहार और मां को फल भेंट कर शुभकामनाएं दीं।

दोनों नवजात SNCU में भर्ती

खबरों के मुताबिक, दिल्ली की रहने वाली और भगवान शिव की भक्त नेहा भोली, नीलकंठ और हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने साथियों के साथ दिल्ली लौट रही थीं। सफ़र के दौरान, किसी वजह से वह अपने ग्रुप से अलग हो गईं और अकेले ही आगे बढ़ती रहीं। मुज़फ़्फ़रनगर से गुज़रते समय, उन्हें अचानक लेबर पेन शुरू हो गया। आस-पास मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों ने तुरंत स्थिति को समझा और बिना देर किए उन्हें ज़िला महिला अस्पताल पहुंचाया, जहां मेडिकल टीम ने उनका इलाज शुरू किया।

अस्पताल में डॉक्टरों की देखरेख में नेहा ने जुड़वां बेटों को जन्म दिया। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि डिलीवरी के बाद मां और दोनों बच्चों की बारीकी से निगरानी की जा रही है। घटना की जानकारी मिलने पर मुज़फ़्फ़रनगर के SSP संजय कुमार वर्मा और SP सिटी अमृत जैन ज़िला महिला अस्पताल पहुंचे; उन्होंने मां और नवजात बच्चों का हाल-चाल जाना और डॉक्टरों से उनकी सेहत के बारे में बातचीत की।

महिला अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मुरली भास्कर के अनुसार महिला गर्भावस्था के लगभग सातवें महीने में थीं। दोनों बच्चों का जन्म समय से पहले हुआ है। पहले बच्चे का वजन करीब 1.20 किलोग्राम जबकि दूसरे बच्चे का वजन करीब 900 ग्राम है।

शुरुआत में दोनों को सांस लेने में परेशानी हुई, इसलिए उन्हें विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में भर्ती किया गया है। फिलहाल दोनों की हालत स्थिर है और डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी है।

SSP बोले- यह महादेव का आशीर्वाद

SSP संजय कुमार वर्मा ने कहा कि सावन और कांवड़ यात्रा के दौरान घटी यह घटना पूरे जिले के लिए खुशी का पल है। उन्होंने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम की सराहना करते हुए कहा कि समय पर उपचार मिलने से मां और दोनों बच्चे सुरक्षित हैं। उन्होंने इसे ‘महादेव का आशीर्वाद’ बताते हुए परिवार के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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