नेपाल, 02 सितंबर। भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में आई भीषण बाढ़ ने नेपाल के कई जिलों में भारी तबाही मचाई है। शुरुआती सरकारी आकलन के मुताबिक रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा और चितवन में करीब 7,570 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें 1,253 घर पूरी तरह तबाह हो गए हैं। सिर्फ मकानों को हुए नुकसान का अनुमान करीब 17 अरब नेपाली रुपये लगाया गया है।
बाढ़ से घरों के अलावा सड़क, पुल, पेयजल और स्थानीय बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा है। सरकार की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रही हैं और विस्तृत सर्वे अभी जारी है।
नुवाकोट में सबसे ज्यादा घर प्रभावित
शहरी विकास एवं भवन निर्माण विभाग के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार कुल 7,570 क्षतिग्रस्त घरों में से 6,317 घर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 1,253 घरों को पूरी तरह दोबारा बनाना पड़ेगा। नुवाकोट सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में है। यहां 3,977 घरों को नुकसान पहुंचा है। इनमें बेलकोटगढ़ी के 212, विदुर नगरपालिका के 3,026, किस्पांग के 696 और तर्केश्वर के 43 घर शामिल हैं। रसुवा में 1,779 घर, धादिंग में 1,451 घर, गोरखा में 263 घर और चितवन के इच्छाकामना में 100 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं।
सरकारी इमारतों को भी नुकसान
बाढ़ की चपेट में आने से 45 सरकारी इमारतें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। इनका नुकसान करीब 4 अरब 50 करोड़ नेपाली रुपये आंका गया है। अधिकारियों के मुताबिक नुकसान का विस्तृत आकलन पूरा होने के बाद वास्तविक आंकड़ा और बढ़ सकता है।
30 अरब रुपये के सड़क नुकसान का अनुमान
बाढ़ और भूस्खलन से नेपाल का सड़क नेटवर्क भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सड़क विभाग के शुरुआती अनुमान के अनुसार देशभर में करीब 30 अरब नेपाली रुपये का सड़क नुकसान हुआ है। करीब 82 किलोमीटर लंबी गल्छी-स्याफ्रुबेंसी-रसुवागढ़ी सड़क का लगभग 40 किलोमीटर हिस्सा पूरी तरह तबाह बताया जा रहा है। इसे नए सिरे से बनाने की जरूरत होगी। इसके अलावा पृथ्वी राजमार्ग का कृष्णभीर हिस्सा भी प्रभावित हुआ है।
31 पुल पूरी तरह बह गए
बाढ़ की विनाशलीला में 31 पुल पूरी तरह बह गए, जबकि तीन अन्य पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं। इन पुलों की मरम्मत और पुनर्निर्माण पर करीब 50 अरब नेपाली रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। रसुवा और नुवाकोट में 53 झूलते पुल भी प्रभावित हुए हैं। इनमें 33 पूरी तरह बह गए, जबकि 20 पुलों की मरम्मत संभव बताई गई है।
पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित
बाढ़ ने पेयजल व्यवस्था को भी बड़ा नुकसान पहुंचाया है। रसुवा, नुवाकोट, गोरखा और धादिंग में बड़ी संख्या में पानी के टैंक क्षतिग्रस्त हुए हैं। आंकड़ों के मुताबिक रसुवा में 10, नुवाकोट में 111, धादिंग में 7 और गोरखा में 24 पानी के टैंक प्रभावित हुए। पेयजल ढांचे का नुकसान करीब 64 करोड़ नेपाली रुपये और सीवेज एवं सफाई व्यवस्था का नुकसान करीब 29 करोड़ रुपये आंका गया है।
संपर्क बहाली के लिए लगाए जाएंगे रोपवे
बाढ़ से कटे इलाकों को फिर से जोड़ने के लिए रसुवा में तीन और नुवाकोट में दो स्थानों पर रोपवे लगाए जा रहे हैं। नुवाकोट के तीन इलाकों में यह काम पूरा होने की जानकारी दी गई है, जबकि रसुवा में काम जारी है। ग्रामीण सड़कों, झूलते पुलों और नए रोपवे समेत स्थानीय संपर्क व्यवस्था बहाल करने पर भी करोड़ों रुपये खर्च होने का अनुमान है। फिलहाल सरकारी एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का विस्तृत आकलन कर रही हैं। शुरुआती आंकड़ों से साफ है कि नेपाल की इस बाढ़ ने घरों के साथ-साथ सड़क, पुल, पेयजल और अन्य बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचाया है।
जिलावार आंकड़ा
| जिला | क्षतिग्रस्त/प्रभावित घर |
|---|---|
| नुवाकोट | 3,977 |
| रसुवा | 1,779 |
| धादिंग | 1,451 |
| गोरखा | 263 |
| चितवन | 100 |
| कुल | 7,570 |

