सागर, 05 सितंबर। MP Hooch Tragedy: मध्य प्रदेश के सागर जिले में संदिग्ध जहरीली/अवैध शराब पीने से मौतों का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। बंडा क्षेत्र के नौराज, घुघरा खुर्द, बराज और आसपास के गांवों में शराब पीने के बाद कई लोगों की तबीयत बिगड़ी। ताजा रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 11 तक पहुंचने की बात सामने आई है, जबकि प्रशासन की ओर से अलग-अलग समय पर अलग संख्या की पुष्टि हुई है।
करीब 35 से ज्यादा लोगों को अस्पताल लाए जाने की जानकारी है। कई मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। गंभीर मरीजों को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज और सागर के अन्य अस्पतालों में रेफर किया गया है।
मरीजों के शरीर पड़े नीले, मिथाइल अल्कोहल की आशंका
डॉक्टरों के मुताबिक कुछ मरीजों में शरीर नीला पड़ने और अकड़न जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दिए। स्वास्थ्य अधिकारियों ने इन लक्षणों के आधार पर मिथाइल अल्कोहल विषाक्तता की आशंका जताई है। हालांकि मौत की अंतिम वजह पोस्टमॉर्टम और जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी। प्रशासन ने प्रभावित गांवों में मेडिकल टीमों को तैनात कर घर-घर स्क्रीनिंग शुरू कराई है। जिन लोगों ने पिछले 24 से 48 घंटे में शराब का सेवन किया है, उन्हें जांच कराने की अपील की गई है।
ललितपुर से शराब सप्लाई का कनेक्शन!
प्रारंभिक जांच में संदिग्ध शराब की सप्लाई का कनेक्शन उत्तर प्रदेश के ललितपुर से जुड़ता दिखाई दे रहा है। पुलिस इस नेटवर्क और स्थानीय सप्लायरों की भूमिका की जांच कर रही है। ललितपुर से कथित नकली शराब की सप्लाई मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में किए जाने की आशंका पर भी जांच चल रही है।
कई शराब दुकानें सील, सैंपलिंग के निर्देश
घटना के बाद प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र की शराब दुकानों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। कुछ दुकानों को एहतियातन सील कर शराब के सैंपल लेने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस और आबकारी विभाग संदिग्ध शराब के स्रोत का पता लगाने में जुटे हैं।
CM मोहन यादव ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मामले में जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं को सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को मौके पर भेजकर पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।
कांग्रेस ने सरकार पर उठाए सवाल
घटना के बाद विपक्ष ने भी सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेताओं ने अवैध और नकली शराब की बिक्री पर रोक लगाने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों की पहचान, मेडिकल स्क्रीनिंग, इलाज और संदिग्ध शराब के स्रोत का पता लगाना है। जांच आगे बढ़ने के साथ मौतों की संख्या और शराब के वास्तविक स्रोत को लेकर तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।

