नई दिल्ली, 08 सितंबर। Rakesh Mehta Death: दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव राकेश मेहता का निधन हो गया है। 1975 बैच के इस सीनियर IAS अधिकारी ने रविवार को नोएडा के सेक्टर-82 स्थित केंद्रीय विहार-2 सोसाइटी में कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उनका शव दोपहर में मिला। मेहता 2007 से 2010 तक दिल्ली के मुख्य सचिव रहे और 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान शहर के प्रशासन में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है।
नोएडा पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला है। घटना के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई और सोमवार को दिल्ली के लोधी श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। राकेश मेहता 2007 से 2010 तक दिल्ली के मुख्य सचिव रहे। नवंबर 2010 में सेवानिवृत्त होने से पहले उन्होंने तीन दशक से अधिक लंबे प्रशासनिक करियर में दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं।
सुसाइड नोट में बताई वजह
राकेश मेहता नोएडा के सेक्टर-82 स्थित केंद्रीय विहार-2 सोसाइटी के फ्लैट में रहते थे। पुलिस ने मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया है। इसमें आत्महत्या के पीछे मानसिक तनाव और विभिन्न शारीरिक बीमारियों को जिम्मेदार बताया गया है। साल 1975 बैच के आईएएस ने वर्ष 2010 में दिल्ली में हुए राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान प्रशासनिक नेतृत्व किया था।
कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान अहम भूमिका
राकेश मेहता के कार्यकाल में दिल्ली में 2010 राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियां चल रही थीं। इस दौरान दिल्ली प्रशासन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। सहकर्मियों और नेताओं ने उन्हें एक कुशल प्रशासक के रूप में याद किया। उनके साथ काम करने वालों के मुताबिक, वह प्रशासन में नए विचारों और सुधारों को लागू करने के लिए हमेशा तैयार रहते थे।
कई बड़े प्रशासनिक सुधारों में योगदान
राकेश मेहता ने अपने लंबे कार्यकाल के दौरान संपत्ति कर के आकलन, बिजली के निजीकरण और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुधारों में भूमिका निभाई। दिल्ली की सड़कों से ब्लू लाइन बसों को हटाने और लो-फ्लोर बसों को बढ़ावा देने की योजना में भी उनके योगदान को याद किया गया।
पूर्व मंत्री अरविंदर सिंह लवली के मुताबिक, बिजली निजीकरण के दौर में राकेश मेहता दिल्ली सरकार में बिजली सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे थे और नई नीतियों को लागू करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव रमेश नेगी ने भी उन्हें कई प्रशासनिक सुधारों से जुड़े एक महत्वपूर्ण अधिकारी के रूप में याद किया।

