रायपुर, 17 सितंबर। Aadhaar Seva Kendra: छत्तीसगढ़ में आधार सेवाओं के विस्तार और सुरक्षित उपयोग को लेकर गुरुवार को राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित ‘आधार प्रमाणीकरण एवं सत्यापन’ विषयक एक-दिवसीय कार्यशाला में अधिकारियों-कर्मचारियों को आधार सत्यापन, ऑफलाइन वेरिफिकेशन, फेस ऑथेंटिकेशन और डेटा सुरक्षा से जुड़ी प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई।
कार्यशाला की मुख्य अतिथि खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले रहीं। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ सही हितग्राहियों तक पहुंचाने में आधार प्रमाणीकरण महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने ऑफलाइन सत्यापन व्यवस्था की जानकारी को अधिकारियों और संबंधित विभागों के लिए उपयोगी बताया।
33 जिलों में 1,100 से ज्यादा आधार सेवा केंद्र
चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मयंक अग्रवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में इन-हाउस मॉडल के तहत 1,100 से अधिक आधार सेवा केंद्र शासकीय परिसरों में संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से नागरिकों को आधार नामांकन और अपडेट की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक 3 करोड़ 17 लाख 33 हजार से अधिक आधार पंजीकरण किए जा चुके हैं।
7 लाख से ज्यादा बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट
राज्य में 5-15 वर्ष और 15-17 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए विभिन्न जिलों में विशेष आधार शिविर आयोजित किए गए हैं। इन शिविरों के माध्यम से अब तक 7 लाख से अधिक बच्चों का अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट किया जा चुका है।
14 नए आधार सेवा केंद्रों को मंजूरी
श्री मयंक अग्रवाल ने बताया कि भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने छत्तीसगढ़ में 14 नए आधार सेवा केंद्र खोलने की अनुमति दी है। इनमें दुर्ग, महासमुंद, रायपुर, बिलासपुर और जांजगीर-चांपा में केंद्रों का संचालन शुरू हो चुका है, जबकि अन्य स्थानों पर काम जारी है। इसके अलावा चिप्स ने 7 अन्य जिलों में आधार सेवा केंद्र खोलने का प्रस्ताव भी UIDAI को भेजा है।
ऑफलाइन सत्यापन और फेस ऑथेंटिकेशन की जानकारी
UIDAI के आधार उपयोग प्रभाग एवं मीडिया के निदेशक लेफ्टिनेंट कर्नल प्रवीण चौधरी ने आधार के सुरक्षित उपयोग और निर्धारित प्रक्रियाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नागरिक अपने आधार का ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से सत्यापन कर सकते हैं।
तकनीकी सत्रों में सीमित नेटवर्क वाले क्षेत्रों में ऑफलाइन आधार सत्यापन की उपयोगिता तथा फिंगरप्रिंट या आइरिस प्रमाणीकरण में कठिनाई होने पर फेस ऑथेंटिकेशन के उपयोग पर भी चर्चा हुई। UIDAI, क्षेत्रीय कार्यालय हैदराबाद के निदेशक श्री टी. रामकृष्ण ने देश में आधार व्यवस्था के विस्तार, तकनीकी ढांचे और आधार सेवाओं की पहुंच के बारे में जानकारी दी।
150 से अधिक अधिकारियों ने लिया हिस्सा
कार्यशाला में छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंध संचालक श्री भास्कर विलास संदीपन, कोष एवं लेखा संचालनालय के संचालक श्री एस. जयवर्धन, खाद्य संचालनालय की संचालक डॉ. फरिहा आलम, चिप्स के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शशांक पांडे, संयुक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अनुपम आशीष टोप्पो एवं श्री आशीष जायसवाल सहित विभिन्न विभागों के 150 से अधिक अधिकारियों ने भाग लिया।

