कोलकाता, 18 अक्टूबर 2026। Chorbagan Pandal Stampede : पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ के बाद शोक और चिंता का माहौल है। हादसे में कम से कम 19 लोगों की मौत और 25 लोगों के घायल होने की सूचना है। घायलों का कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। घटना के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करने और मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे मुख्यमंत्री
हादसे के बाद मुख्यमंत्री कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचे, जहां घायलों का उपचार चल रहा था। उन्होंने मृतकों के परिवारों को 25-25 लाख रुपये की सहायता और ग्रुप-डी के सरकारी पद पर नौकरी देने की घोषणा की। प्रशासन की ओर से अब हादसे की परिस्थितियों और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा पर जोर दिया जा रहा है।
चोरबागान पंडाल में कैसे मची भगदड़
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम महा सप्तमी के दौरान बारिश के बीच पंडाल में भीड़ बढ़ गई थी। इसी दौरान भगदड़ मचने से बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए। घटना के बाद पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है और आयोजक समेत कम से कम सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हादसे की पूरी वजह और जिम्मेदारी जांच के बाद स्पष्ट होगी।
प्रमुख पंडालों की सुरक्षा जांच के लिए समिति
मुख्यमंत्री ने राज्य के प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए समिति गठित करने की घोषणा की है। इसमें आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव राजेश सिन्हा, अग्निशमन सेवा के महानिदेशक अनुज शर्मा और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक जावेद शमीम शामिल होंगे। समिति भीड़ प्रबंधन, निकास मार्गों और पंडालों की संरचनात्मक सुरक्षा की समीक्षा करेगी।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को मिलेगी प्राथमिकता
प्रशासन ने आयोजकों को निर्देश दिया है कि पंडालों की सजावट और थीम के बजाय श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। रास्तों को चौड़ा करने, पर्याप्त रोशनी रखने और भीड़ की आवाजाही में बाधा पैदा करने वाले अवरोध हटाने पर जोर दिया गया है। जहां पंडाल की संरचना से जोखिम हो, वहां अनुष्ठानों को गर्भगृह तक सीमित रखने और बाहर एलईडी स्क्रीन लगाने की सलाह दी जा सकती है।
अष्टमी और नवमी के लिए सुरक्षा इंतजाम सख्त
दुर्गा पूजा के शेष दिनों में भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए पुलिस और प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख पंडालों का निरीक्षण कर सुरक्षा संबंधी सिफारिशें लागू कराने पर जोर दिया जाएगा। चोरबागान की घटना ने त्योहारों में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षित निकास और आपातकालीन तैयारियों के महत्व को फिर सामने ला दिया है।

