Bus Permit Cancelled: छत्तीसगढ़ में 170 बसों के परमिट रद्द! ब्लैकलिस्ट भी! GPS-पैनिक बटन नहीं लगाने पर परिवहन विभाग का बड़ा एक्शन; जानिए क्या है पूरा मामला

Bus Permit Cancelled: छत्तीसगढ़ में 170 बसों के परमिट रद्द! ब्लैकलिस्ट भी! GPS-पैनिक बटन नहीं लगाने पर परिवहन विभाग का बड़ा एक्शन; जानिए क्या है पूरा मामला

रायपुर, 23 अक्टूबर। Bus Permit Cancelled: छत्तीसगढ़ में यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले बस ऑपरेटरों के खिलाफ परिवहन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। GPS और पैनिक बटन से जुड़े सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करने पर 170 बसों के परमिट निरस्त कर उन्हें ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। अब इन बसों का संचालन प्रतिबंधित रहेगा।

3 महीने की जांच में सामने आई लापरवाही

परिवहन विभाग ने जुलाई से सितंबर तक प्रदेशभर में सार्वजनिक परिवहन की बसों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) और पैनिक बटन की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, रायगढ़, जगदलपुर और अंबिकापुर सहित प्रमुख मार्गों पर बसों की जांच की गई। जांच में 412 बसों में GPS नहीं लगा मिला, जबकि 210 बसों में GPS होने के बावजूद बंद पाया गया। वहीं, 85 बसों में पैनिक बटन काम नहीं कर रहा था।

नोटिस के बाद भी नहीं सुधरे बस ऑपरेटर

विभाग ने पहले चरण में 300 बसों के संचालकों को 15 दिन की मोहलत देते हुए अंतिम नोटिस जारी किया था। इनमें से 140 बसों में GPS लगाकर पोर्टल पर पंजीयन करा लिया गया, लेकिन 170 बस मालिकों ने नोटिस की अनदेखी की। इसके बाद विभाग ने इन बसों के परमिट निरस्त कर ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की।

बस चलाते मिले तो जब्ती, जुर्माना और सजा

परिवहन विभाग के मुताबिक, परमिट निरस्त की गई बसों का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसी बसें चलाते पाए जाने पर जब्ती सहित नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने वाहन मालिकों पर 10 हजार रुपये जुर्माना और छह महीने की सजा का भी उल्लेख किया है।

हादसों में GPS और पैनिक बटन क्यों जरूरी?

VLTD यानी व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस से बस की लाइव लोकेशन और निर्धारित रूट पर उसकी गतिविधियों की निगरानी की जा सकती है। वहीं, पैनिक बटन आपात स्थिति में मदद के लिए अलर्ट भेजने में सहायक होता है। इससे पुलिस और संबंधित नियंत्रण कक्ष तक सूचना पहुंचाने में मदद मिलती है। परिवहन विभाग ने कवर्धा में हुए बस हादसे का हवाला देते हुए बताया कि GPS नहीं होने के कारण दुर्घटनाग्रस्त बस की लोकेशन का पता लगाने में देरी हुई थी। विभाग का कहना है कि सुरक्षा उपकरणों की मदद से दुर्घटना या आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तेजी से शुरू किया जा सकता है।

अपर परिवहन आयुक्त ने दी सख्त चेतावनी

अपर परिवहन आयुक्त डी. रवि शंकर ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक परिवहन से जुड़े वाहन मालिकों और बस संचालकों को मोटर वाहन अधिनियम तथा सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन करना अनिवार्य है। नियमों और परमिट की शर्तों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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