रायपुर, 23 अक्टूबर। Cybersecurity Campaign: छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के डिजिटल सुरक्षा अभियान में व्यापारियों को यूपीआई फ्रॉड, ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग, फर्जी प्रोफाइल और बिजनेस ई-मेल हैकिंग से बचने के तरीके बताए गए। शुक्रवार को दोपहर 3:30 बजे बाम्बे मार्केट स्थित चै. देवीलाल व्यापार उद्योग भवन में आयोजित कार्यक्रम में रायपुर के एडिशनल डीसीपी (क्राइम एंड साइबर) गौरव मंडल (आईपीएस) मुख्य अतिथि और नेशनल साइबर फॉरेंसिक्स एवं साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट सोनाली गुहा मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुईं।
चेंबर प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान में साइबर ठगी से बचाव, डिजिटल लेन-देन की सुरक्षा और व्यापारिक संस्थानों में साइबर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।

साइबर ठगी होते ही करें ये काम
मुख्य अतिथि गौरव मंडल ने कहा कि साइबर फ्रॉड होने पर घबराने के बजाय तुरंत कार्रवाई करना जरूरी है। उन्होंने शुरुआती 10 मिनट को अहम बताते हुए पीड़ितों से 1930 पर कॉल करने और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि ठगी का पता चलते ही बैंक को सूचित करें, ताकि लेन-देन रोकने या राशि होल्ड कराने की कार्रवाई की जा सके। एफआईआर और जांच के लिए स्क्रीनशॉट, ट्रांजेक्शन आईडी, मोबाइल नंबर और संदिग्ध लिंक जैसे सबूत सुरक्षित रखने की सलाह भी दी गई। इन्हें डिलीट नहीं करना चाहिए। गौरव मंडल ने कहा कि रायपुर पुलिस व्यापारियों के साथ है और व्यापारिक संगठनों के लिए साइबर हेल्पडेस्क को और मजबूत करने की दिशा में काम किया जाएगा।
UPI और QR कोड से जुड़े फ्रॉड से कैसे बचें?
मुख्य वक्ता सोनाली गुहा ने बताया कि डिजिटल ठगी से बचने के लिए व्यापारियों और उनके कर्मचारियों को जागरूक रहना जरूरी है। उन्होंने सुरक्षा के लिए प्रमुख सुझाव दिए:
- UPI और QR कोड: पैसा प्राप्त करने के लिए अनजान QR कोड स्कैन करने या UPI PIN डालने के निर्देशों से सावधान रहें। UPI PIN किसी को न बताएं।
- बिजनेस ई-मेल हैकिंग: बड़ा भुगतान करने से पहले संबंधित पार्टी को फोन करके ई-मेल और बैंक विवरण की पुष्टि करें। ई-मेल पर टू-स्टेप वेरिफिकेशन चालू रखें।
- व्हाट्सऐप और फर्जी प्रोफाइल: दुकान या परिचित के नाम से बने फर्जी अकाउंट से पैसे मांगने पर वीडियो कॉल या दूसरे विश्वसनीय माध्यम से पहचान की पुष्टि करें।
- मजबूत पासवर्ड: अलग-अलग सिस्टम पर अलग पासवर्ड रखें। नाम और जन्मतिथि जैसे आसानी से अनुमान लगाए जाने वाले पासवर्ड से बचें।
- स्टाफ ट्रेनिंग: मुनीम और कर्मचारियों को नियमित रूप से अनजान लिंक, फर्जी गिफ्ट मैसेज और संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों के बारे में जागरूक करें।
- CCTV सुरक्षा: व्यापारिक प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने पर भी जोर दिया गया।
सोनाली गुहा ने साइबर फ्रॉड की स्थिति में तत्काल बैंक को सूचना देने और 1930 पर शिकायत करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि समय पर कार्रवाई से नुकसान कम करने में मदद मिल सकती है।
चेंबर अध्यक्ष ने परिवार और कर्मचारियों को जागरूक करने की अपील की
चेंबर प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी ने कहा कि साइबर ठगी के तरीके लगातार बदल रहे हैं, इसलिए सतर्कता जरूरी है। उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि वे साइबर अपराधों से जुड़ी जानकारी अपने परिवार और संस्थानों के कर्मचारियों तक भी पहुंचाएं। उन्होंने ऐसी जागरूकता कार्यशालाएं नियमित रूप से आयोजित करने की जरूरत बताई।
कार्यक्रम के संयोजक चेंबर उपाध्यक्ष लोकेश चंद्रकांत जैन और प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष एवं रायपुर संभाग प्रभारी जसप्रीत सिंह सलूजा रहे। कार्यक्रम प्रभारी सोनिया साहू, प्रशांत गुप्ता, राजेन्द्र पारख, मनीष प्रजापति, जय होतवानी, आलोक शर्मा, प्रवीण पटेल, नितेश अग्रवाल और प्रसून दीक्षित सहित महिला चेंबर के प्रतिनिधियों ने आयोजन में भूमिका निभाई।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता को चेंबर की ओर से पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में चेंबर उपाध्यक्ष मनीष प्रजापति ने आभार व्यक्त किया। आयोजन में चेंबर पदाधिकारी, महिला चेंबर, विभिन्न व्यापारिक संघों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे।

