Chhattisgarh Archery Team: छत्तीसगढ़ की रिकर्व टीम ने रचा इतिहास, 25 साल के इंतजार के बाद राष्ट्रीय प्रतियोगिता में जीता कांस्य पदक; कैलाश मुरारका ने पदक विजेता तीरंदाजों का किया सम्मान

Chhattisgarh Archery Team: छत्तीसगढ़ की रिकर्व टीम ने रचा इतिहास, 25 साल के इंतजार के बाद राष्ट्रीय प्रतियोगिता में जीता कांस्य पदक; कैलाश मुरारका ने पदक विजेता तीरंदाजों का किया सम्मान

रायपुर, 25 अक्टूबर। Chhattisgarh Archery Team: छत्तीसगढ़ की तीरंदाजी के लिए बड़ी खुशखबरी है। जयपुर, राजस्थान में आयोजित 46वीं राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में प्रदेश की रिकर्व टीम ने पहली बार कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। इस उपलब्धि ने प्रदेश के खेल जगत में नई उम्मीद जगाई है। छत्तीसगढ़ प्रदेश आर्चरी एसोसिएशन के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं भारतीय तीरंदाजी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कैलाश मुरारका ने इसे लगभग 25 वर्षों के इंतजार और संघर्ष का परिणाम बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह सफलता भविष्य में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने का रास्ता खोलेगी।

रेलवे स्टेशन पर पदक विजेता खिलाड़ियों का भव्य स्वागत

जयपुर से पदक जीतकर लौटे छत्तीसगढ़ के तीरंदाजों का रायपुर रेलवे स्टेशन पर भारतीय तीरंदाजी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और छत्तीसगढ़ प्रदेश आर्चरी एसोसिएशन के वरिष्ठ पदाधिकारी कैलाश मुरारका ने शॉल और पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों की मेहनत, लगन और शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया। रिकर्व टीम के गीतेश यादव, श्रेयांश वर्मा, युवराज और अविनाश ने अपने प्रदर्शन से प्रदेश को गौरवान्वित किया। टीम की इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ की तीरंदाजी के इतिहास में महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

25 साल का इंतजार खत्म, अब अंतरराष्ट्रीय पदक की उम्मीद

कैलाश मुरारका ने कहा कि छत्तीसगढ़ तीरंदाजी संघ करीब 25 वर्षों से राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने की उपलब्धि का इंतजार कर रहा था। रिकर्व टीम का कांस्य पदक खिलाड़ियों के निरंतर अभ्यास, संघर्ष और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कमी नहीं है। जरूरत आधुनिक उपकरणों, बेहतर प्रशिक्षण सुविधाओं और योग्य प्रशिक्षकों की है। संसाधनों की चुनौतियों के बावजूद खिलाड़ियों ने मेहनत जारी रखी और कई खिलाड़ियों ने अपने निजी संसाधनों से आधुनिक उपकरण जुटाकर यह मुकाम हासिल किया।

सात खिलाड़ी व्यक्तिगत स्पर्धा में भी पेश करेंगे चुनौती

मुरारका के अनुसार, प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के सात खिलाड़ी व्यक्तिगत स्पर्धा के लिए क्वालीफाई कर चुके हैं। आगामी व्यक्तिगत मुकाबलों और मेडल मैचों में भी प्रदेश के खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। संघ को भरोसा है कि खिलाड़ी अपनी प्रतिभा के दम पर पदकों की संख्या बढ़ा सकते हैं।

ओलंपिक पदक विजेता खिलाड़ी और कोच को मिलेंगे ₹5-₹5 लाख

कैलाश मुरारका ने बिलासपुर में आयोजित राज्य स्तरीय तीरंदाजी प्रतियोगिता के दौरान की गई घोषणा का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि ओलंपिक में पदक जीतने वाले खिलाड़ी और पदक दिलाने वाले कोच को ₹5-₹5 लाख की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की गई थी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन, आधुनिक उपकरण और बेहतर प्रशिक्षण बेहद जरूरी हैं।

पैरा तीरंदाज टोमन कुमार की सफलता ने भी बढ़ाया गौरव

छत्तीसगढ़ के पैरा तीरंदाज टोमन कुमार की मिक्स्ड टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए मुरारका ने प्रदेश में तीरंदाजी की संभावनाओं पर विश्वास जताया। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि उचित संसाधन और प्रशिक्षण मिलने पर छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और भविष्य के एशियन गेम्स में भी पदक जीतेंगे।

अंत में उन्होंने पदक विजेता खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, संघ के पदाधिकारियों और अभिभावकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की सफलता में अभिभावकों का महत्वपूर्ण योगदान है, जो प्रशिक्षण, उपकरण, यात्रा और प्रतियोगिताओं के लिए निरंतर सहयोग करते हैं। छत्तीसगढ़ की रिकर्व टीम का यह कांस्य पदक प्रदेश के उभरते तीरंदाजों के लिए नई प्रेरणा है। अब नजर इस बात पर है कि राष्ट्रीय स्तर की यह सफलता अंतरराष्ट्रीय मंच पर कितने नए पदकों में बदलती है।

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Raipur खेल समाचार