नई दिल्ली, 25 अक्टूबर। Operation Trident: नशे के अंतरराष्ट्रीय कारोबार के खिलाफ केंद्र सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के नेतृत्व में चलाए गए ‘ऑपरेशन ट्राइडेंट’ के तहत असम, मिजोरम और मणिपुर में 38 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। गृह मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इस कार्रवाई में 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया, 1,424 बैंक खाते फ्रीज किए गए और ₹17.82 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई। जांच में करीब ₹100 करोड़ के हवाला लेनदेन का भी पता चला है।
38 टीमों की एक साथ कार्रवाई, अंतरराष्ट्रीय नार्को-कार्टेल निशाने पर
23 अक्टूबर 2026 को शुरू किए गए इस अभियान में NCB, मिजोरम पुलिस, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और अन्य संबंधित एजेंसियों ने समन्वित कार्रवाई की। असम, मिजोरम और मणिपुर में पहले से चिह्नित 38 स्थानों पर तलाशी ली गई। अभियान का उद्देश्य केवल नशीले पदार्थों की बरामदगी नहीं, बल्कि तस्करी नेटवर्क, उसके सहयोगियों और अवैध वित्तीय स्रोतों को निशाना बनाना था। कार्रवाई के दौरान 500 डेटोनेटर और ₹12 लाख नकद भी जब्त किए गए। एजेंसियां तस्करी से जुड़े वित्तीय लेनदेन, संपत्तियों और नेटवर्क के अन्य संपर्कों की जांच कर रही हैं।
भारत-म्यांमार-बांग्लादेश सीमा से जुड़ा था तस्करी नेटवर्क
जांच के मुताबिक, यह गिरोह भारत, म्यांमार और बांग्लादेश से जुड़े सीमावर्ती रास्तों का इस्तेमाल कर मादक पदार्थों की तस्करी करता था। नेटवर्क पर मेथामफेटामाइन और हेरोइन की तस्करी के आरोप हैं। जांच में म्यांमार स्थित कथित सरगना थांगसिंतुआंग उर्फ चिंतुआंग उर्फ त्लुआंगा और उसके सहयोगियों के नेटवर्क की पड़ताल की गई। एजेंसियों ने तस्करी के लॉजिस्टिक्स, हवाला लेनदेन और अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों से जुड़े पहलुओं पर भी कार्रवाई की। जांच का उद्देश्य नेटवर्क की आपूर्ति शृंखला से लेकर आर्थिक मदद करने वाले लोगों तक पहुंचना है।
अमित शाह का सख्त संदेश
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अभियान की सफलता की जानकारी देते हुए केंद्रीय एजेंसियों और तीनों राज्यों की पुलिस की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार नशीले पदार्थों के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार की रणनीति अब केवल ड्रग्स जब्त करने तक सीमित नहीं है। तस्करी से होने वाली कमाई, हवाला नेटवर्क, बैंक खातों और अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई के जरिए पूरे सिंडिकेट को कमजोर करने पर जोर दिया जा रहा है।
2029 तक नशा नेटवर्क खत्म करने का लक्ष्य
सरकार के ‘नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029’ के अनुरूप इस अभियान को अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के खिलाफ समन्वित कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। घोषित लक्ष्य 31 दिसंबर 2029 तक नशीले पदार्थों के नेटवर्क को जड़ से खत्म करना है। ऑपरेशन ट्राइडेंट का संदेश साफ है- नशे के कारोबार पर कार्रवाई अब केवल खेपों की जब्ती तक सीमित नहीं, बल्कि तस्करों के पूरे नेटवर्क और उनकी आर्थिक ताकत को निशाना बनाने पर केंद्रित है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और वित्तीय संपर्कों के बारे में भी जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

