रायपुर, 31 अक्टूबर 2026। National Unity Day 2026 : लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती और राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ में भव्य परेड समारोह का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की चौथी वाहिनी, माना में आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा शामिल हुए। उन्होंने परेड की सलामी ली, मार्च पास्ट का निरीक्षण किया और उपस्थित लोगों को राष्ट्रीय एकता, अखंडता एवं सुरक्षा की शपथ दिलाई। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के आदर्शों पर चलकर सुरक्षित, समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करना राज्य सरकार का संकल्प है। उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ मिली ऐतिहासिक सफलता को बस्तर में शांति, सुरक्षा और विकास के नए युग की शुरुआत बताया।
सरदार पटेल के योगदान को किया याद, राष्ट्रीय एकता का दिलाया संकल्प
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी अदम्य इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता और कुशल नेतृत्व से 560 से अधिक देशी रियासतों का भारतीय संघ में एकीकरण कर अखंड भारत की आधारशिला रखी थी। उनका जीवन देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय समर्पण की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता केवल भौगोलिक सीमाओं का एकीकरण नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के मन में राष्ट्र के प्रति विश्वास, समर्पण और साझा जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है। सरदार पटेल के आदर्श आज भी देश की आंतरिक सुरक्षा और एकता को मजबूत करने का मार्ग दिखाते हैं।

नक्सलवाद के खिलाफ ऐतिहासिक सफलता, बस्तर में शांति का नया अध्याय
गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ ने नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस तथा स्थानीय जनता के सहयोग से नक्सलवाद के प्रभाव में उल्लेखनीय कमी आई है। उन्होंने कहा कि कभी नक्सली हिंसा और भय से प्रभावित रहे बस्तर के दूरस्थ इलाकों में अब शांति, सुरक्षा और विकास की नई उम्मीद जगी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल नक्सलवाद का अंत करना नहीं, बल्कि बस्तर के प्रत्येक गांव तक सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और रोजगार की सुविधाएं पहुंचाना है। आदिवासी समुदायों की संस्कृति और परंपराओं का सम्मान करते हुए उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।
शहीद जवानों को श्रद्धांजलि, प्रदर्शनी में दिखा सुरक्षा बलों का शौर्य
समारोह के दौरान उप मुख्यमंत्री ने नक्सली हिंसा में शहीद हुए जवानों की स्मृति में लगाई गई छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने शहीद जवानों के चित्रों पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। प्रदर्शनी में नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान पुलिस बल की कार्यप्रणाली, जवानों के साहस, शौर्य और बलिदान के साथ पुलिस विभाग की कल्याणकारी गतिविधियों को प्रदर्शित किया गया। विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर में स्थापित हो रही शांति के पीछे वीर जवानों का अदम्य साहस, त्याग और बलिदान है। देश और प्रदेश की सुरक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।

गुजरात की राष्ट्रीय एकता परेड में छत्तीसगढ़ के जवानों ने दिखाया दम
गुजरात के एकता नगर में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस परेड का सीधा प्रसारण भी समारोह में दिखाया गया। इस राष्ट्रीय परेड में छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों ने प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए शौर्य और अनुशासन का प्रदर्शन किया। डीएसपी बृज किशोर यादव ने टू-आईसी की जिम्मेदारी निभाई। डीएसपी अमृता पैंकरा के नेतृत्व में बस्तर फाइटर्स की महिला कमांडो, डीएसपी कुलदीप बंजारे के नेतृत्व में डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और डीएसपी ओमप्रकाश सिंह के नेतृत्व में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के जवानों ने मार्च पास्ट में हिस्सा लिया। नक्सल विरोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले इन बलों की राष्ट्रीय स्तर पर भागीदारी छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय रही।

नाट्य प्रस्तुति में दिखाई नक्सलवाद से शांति और विकास तक की यात्रा
राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में नक्सलवाद के खिलाफ संघर्ष से लेकर शांति स्थापना तक की यात्रा पर आधारित विशेष नाट्य प्रस्तुति भी आयोजित की गई। इसमें नक्सलवाद के उदय, उससे पैदा हुई परिस्थितियों, सुरक्षा बलों के साहसिक अभियानों, जवानों के बलिदान और स्थानीय जनता की भावनाओं को दर्शाया गया। प्रस्तुति में बस्तर के युवाओं ने भी कलाकारों के रूप में हिस्सा लिया। नाटक के माध्यम से हिंसा और भय से निकलकर शांति, विश्वास और विकास की ओर बढ़ते छत्तीसगढ़ की तस्वीर पेश की गई। कार्यक्रम में विधायक सुनील सोनी और मोतीलाल साहू, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रदीप गुप्ता और अमित कुमार, पुलिस महानिरीक्षक अंकित गर्ग सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, शहीद जवानों के परिजन, स्कूली बच्चे और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।

