रायपुर, 12 दिसंबर। Public Trust Bill : प्रदेश सरकार विधानसभा के आगामी शीतकालीन सत्र में जन विश्वास विधेयक-2 पेश करने जा रही है। इस विधेयक के तहत 11 विभागों के 14 अधिनियमों की 36 धाराओं में कुल 116 प्रावधानों में संशोधन किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य है, कानूनों को सरल बनाना, अनावश्यक आपराधिक दंड कम करना और व्यापार तथा नागरिकों पर से ‘भय’ का माहौल हटाना।
VAAT अधिनियम सहित कई कानूनों में कैद का प्रावधान हटेगा
सबसे बड़ा बदलाव वैट अधिनियम, 2005 में प्रस्तावित है। अभी तक, देर से टैक्स जमा करने, गलत रिटर्न भरने, पंजीयन में त्रुटि जैसी चूक पर 6 माह तक की कैद और जुर्माना दोनों का प्रावधान था।
सरकार अब कैद की सजा हटाकर केवल जुर्माना लगाने का नियम लाने जा रही है।
सरकार का कहना है कि इससे एमएसएमई और छोटे व्यापारियों को राहत मिलेगी, व्यापार के प्रति मौजूद डर कम होगा, और न्यायालयों में आपराधिक मामलों का बोझ घटेगा। यह फैसला ‘Ease of Doing Business’ में सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सीएम साय के प्रयासों के चलते प्रदेश पहले ही BRAP में ‘टॉप अचीवर’ घोषित हो चुका है। अब तक 434 सुधार लागू किए जा चुके हैं।
11 विभागों में बदलाव
जिन विभागों में प्रावधान बदले जाएंगे, उनमें शामिल हैं, वाणिज्यिककर (GST), संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व, मछलीपालन, श्रम, पंचायत, आवास एवं पर्यावरण, जल संसाधन, स्कूल शिक्षा, पीडब्ल्यूडी, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन। इनमें से अकेले जल संसाधन विभाग में 30 संशोधन किए जाएंगे।
बड़े बदलावों के मुख्य लाभ
- व्यापार और नागरिकों के लिए कानून को सरल और भरोसेमंद बनाना
- उल्लंघनों पर प्रक्रिया का सरलीकरण
- अदालतों का बोझ कम करना
- विभागीय स्तर पर निपटारा आसान
- दोहराए गए या गंभीर अपराधों पर कड़ी कार्रवाई जारी
श्रम कल्याण अधिनियम में राहत
अब तक, लेबर इंस्पेक्टर के साथ सहयोग न करने, डॉक्यूमेंट जमा न करने, या वर्कर वेलफेयर कंट्रीब्यूशन देने में देरी करने पर 3-6 महीने की जेल की सज़ा थी। नए प्रस्ताव में सिर्फ़ पहली बार गलती करने पर जुर्माना लगाया जाएगा, और बार-बार या गंभीर मामलों में जेल हो सकती है। इससे मालिकों और वर्करों के बीच तनाव कम होगा और लेबर डिपार्टमेंट सही वेलफेयर कामों पर ज़्यादा ध्यान दे पाएगा।
सिंचाई प्रबंधन अधिनियम में भी ढील
पहले नहरों को नुकसान पहुंचाने, पानी का रास्ता बदलने, या सिंचाई से जुड़ी दूसरी गलतियों पर सीधे जेल या जुर्माना लगता था। नए सुधारों में पहली बार गलती करने पर सिर्फ़ पैसे की सज़ा का प्रावधान है, और दोबारा या गंभीर मामलों में जेल हो सकती है। सरकार का मानना है कि इससे किसानों का डर दूर होगा और वे सिंचाई मैनेजमेंट में सक्रिय रूप से हिस्सा ले पाएंगे, जिससे डिपार्टमेंट बेहतर मैनेजमेंट पर ध्यान दे पाएगा।

