Tiger Census का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न, वन विकास निगम ने बीट स्तर पर किया सघन सर्वे, डिजिटल तकनीक का किया उपयोग

Tiger Census का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न, वन विकास निगम ने बीट स्तर पर किया सघन सर्वे, डिजिटल तकनीक का किया उपयोग

रायपुर, 03 अप्रैल। Tiger Census : वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के औद्योगिक वृक्षारोपण मंडल, जगदलपुर में ‘अखिल भारतीय बाघ आंकलन 2026’ के अंतर्गत फील्ड स्तर का सर्वे कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस दौरान निगम के अमले ने अपने प्रबंधन वाले वन क्षेत्रों में बीट स्तर पर व्यापक सर्वे अभियान चलाया। सर्वे कार्य वैज्ञानिक पद्धति के आधार पर किया गया। मैदानी कर्मचारियों ने प्रत्येक बीट में ट्रेल और ट्रांसेक्ट सर्वे के माध्यम से वन्यजीवों की उपस्थिति दर्ज की।

लाइन ट्रांसेक्ट सर्वे के तहत निर्धारित लाइनों पर पैदल चलकर शाकाहारी वन्यजीवों की संख्या, घनत्व और उनके निवास क्षेत्र की गुणवत्ता का आकलन किया गया। ट्रेल सर्वे के अंतर्गत वन क्षेत्रों की पगडंडियों और जलस्रोतों के आसपास बाघ, तेंदुआ सहित अन्य मांसाहारी वन्यजीवों के प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष साक्ष्यों का निरीक्षण किया गया। इसमें पगमार्क, मल (स्कैट) और पेड़ों पर खरोंच के निशानों का अध्ययन शामिल रहा। इस पूरे अभियान में आधुनिक डिजिटल तकनीक का उपयोग किया गया। सभी जानकारी को M-STrIPES ऐप के माध्यम से रियल टाइम में दर्ज किया गया, जिससे डेटा की पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित हुई।

वन विकास निगम के अधिकारियों के अनुसार, औद्योगिक वृक्षारोपण क्षेत्रों में सागौन सहित अन्य प्रजातियों के बीच वन्यजीवों की आवाजाही से जुड़े आंकड़े भविष्य की संरक्षण और प्रबंधन योजनाओं के लिए उपयोगी साबित होंगे। यह सर्वे यह भी दर्शाता है कि वन विकास निगम के अधीन क्षेत्र केवल व्यावसायिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।

फील्ड स्तर पर डेटा संग्रहण पूर्ण होने के बाद अब इसे अंतिम विश्लेषण के लिए भेजा जा रहा है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस बार के आंकलन में जगदलपुर क्षेत्र में वन्यजीवों की संख्या और विविधता में सकारात्मक वृद्धि देखने को मिला l

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