महेसाणा, 11 अप्रैल। BJP Worker Ticket : मेहसाणा से एक ऐसी खबर सामने आई है, जो राजनीति के पारंपरिक समीकरणों को बदलती नजर आ रही है। जहां अक्सर भाई-भतीजावाद के आरोप लगते हैं, वहीं भारतीय जनता पार्टी ने एक जमीनी कार्यकर्ता को चुनावी मैदान में उतारकर अलग संदेश दिया है।
दरअसल, गुजरात के मेहसाणा में बीजेपी ने 28 साल से पार्टी कार्यालय में चपरासी का काम कर रहे रमेश भील को वार्ड 13 से उम्मीदवार बनाया है। इस फैसले से कार्यकर्ताओं में उत्साह और राजनीति में नई मिसाल की चर्चा।
28 साल तक सेवा, अब मिला मौका
रमेश भील पिछले 28 वर्षों से भाजपा जिला कार्यालय में चाय पिलाने और देखरेख का काम कर रहे हैं। पार्टी ने उनकी निष्ठा और समर्पण को पहचानते हुए वार्ड नंबर-13 से उम्मीदवार घोषित किया है।
कार्यकर्ताओं में उत्साह
पार्टी के इस फैसले के बाद स्थानीय कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। इसे “समर्पण की राजनीति” का उदाहरण बताया जा रहा है, जहां लंबे समय तक संगठन के लिए काम करने वालों को मौका दिया जा रहा है।
अन्य चेहरों पर भी भरोसा
सिर्फ रमेश भील ही नहीं, भाजपा ने अन्य संगठनात्मक चेहरों को भी मौका दिया है। जिला कार्यालय मंत्री जयेश प्रजापति की पत्नी नयना प्रजापति को भी चुनावी मैदान में उतारा गया है।
‘चाय पिलाने वाले’ को टिकट बना चर्चा
राजनीति में जहां बड़े नेताओं के बीच टिकट को लेकर खींचतान रहती है, वहां एक साधारण कार्यकर्ता को टिकट मिलना चर्चा का विषय बन गया है। यह फैसला पार्टी के अंदरूनी मैसेज के तौर पर भी देखा जा रहा है।
अब जनता का फैसला बाकी
फिलहाल पार्टी ने रमेश भील के समर्थन (BJP Worker Ticket) में पूरी ताकत झोंक दी है। अब देखना होगा कि जनता इस ‘जमीनी कार्यकर्ता’ को नगर निगम तक पहुंचाती है या नहीं।

