CM Rural Bus Yojana : से कुमिता के सपनों को मिले ’समय’ के पंख…नियमित लाइब्रेरी में पढ़ाई के लिए परिवहन की बाधा हुई दूर

CM Rural Bus Yojana : से कुमिता के सपनों को मिले ’समय’ के पंख…नियमित लाइब्रेरी में पढ़ाई के लिए परिवहन की बाधा हुई दूर

अम्बिकापुर, 11 अप्रैल। CM Rural Bus Yojana : शिक्षा और आत्मनिर्भरता की राह में जब परिवहन की बाधा दूर होती है, तो सफलता की कहानी खुद-ब-खुद लिखी जाने लगती है। सरगंवा की रहने वाली कुमिता की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जिनके लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना केवल एक वाहन नहीं, बल्कि उनके करियर की उड़ान का जरिया बन गई है।

समय का संकट और पढ़ाई की चुनौती

कुमिता वर्तमान में न्ळब् छम्ज् जैसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा की तैयारी कर रही हैं। इसके लिए वे प्रतिदिन सरगंवा से लाइब्रेरी आती हैं। कुमिता बताती हैं कि पहले क्षेत्र में बसों की भारी किल्लत थी। उन्होने बताया कि पहले बस का विकल्प नहीं था, तो बहुत जल्दी वापस लौट जाती थी। इस वजह से उन्हें न चाहते हुए भी लाइब्रेरी से जल्दी निकलना पड़ता था। पढ़ाई के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा था और टाइम मैनेज करना एक बड़ी चुनौती बन गई थी।

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से बदला परिदश्य

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी की पहल पर शुरू हुई ’मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना’ ने कुमिता जैसी हजारों छात्राओं की राह आसान कर दी है। अब बस न केवल समय पर उपलब्ध हैं, बल्कि गाँव-गाँव और गली-गली तक पहुँच रही हैं। कुमिता अब अपने समय का बेहतर प्रबंधन कर पा रही हैं, जिससे वह देर तक निश्चित होकर लाइब्रेरी में  पढ़ाई कर सकती हैं। बस की निर्धारित समय-सारणी के कारण उन्हें देर रात घर लौटने का डर नहीं रहता, जिससे उनकी सुरक्षा की भावना बढ़ी है। इसके साथ ही, जिन गाँवों तक पहले बस सेवा उपलब्ध नहीं थी, वहाँ अब सुगम आवाजाही संभव हो गई है।

योजना के लिए जताया आभार

कुमिता अपनी खुशी साझा करते हुए कहती हैं कि, अब मैं फिक्स टाइम पर घर पहुँच जाती हूँ। इस बस सेवा ने मुझे पढ़ने के लिए एक्स्ट्रा टाइम दे दिया है। हमारे मुख्यमंत्री जी की वजह से अब ग्रामीणों को आने-जाने में कोई परेशानी नहीं हो रही है। मैं इस सुविधा से बहुत खुश हूँ।

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