महेश्वर, 11 अप्रैल। Monalisa Viral Girl Case : महाकुंभ वायरल गर्ल’ के नाम से चर्चित मोनालिसा का मामला अब बड़ा विवाद बन गया है। शादी के बाद हुए खुलासे में मोनालिसा के नाबालिग होने और फर्जी जन्म प्रमाण पत्र का मामला सामने आया है।
फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट का खुलासा
नगर परिषद द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र जांच में फर्जी पाया गया है। दस्तावेज में जन्म वर्ष 2008 बताया गया था, जबकि अस्पताल रिकॉर्ड के अनुसार वास्तविक जन्म 30 दिसंबर 2009 का है।
CMO पर गिरी गाज
मामले की गंभीरता को देखते हुए महेश्वर नगर परिषद के CMO Priyank Pandya का तबादला Dhamnod नगर परिषद कर दिया गया है। विवादित जन्म प्रमाण पत्र को भी निरस्त कर दिया गया है।
शादी से बढ़ा विवाद
बताया जा रहा है कि Monalisa ने Kerala में Farman Khan के साथ शादी की थी, जो इसी दस्तावेज के आधार पर हुई। जांच में दस्तावेज फर्जी मिलने के बाद मामला और गंभीर हो गया है।
अस्पताल रिकॉर्ड से खुली सच्चाई
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रिकॉर्ड के अनुसार, मोनालिसा का जन्म 30 दिसंबर, 2009 को शाम 5:50 बजे हुआ था; जन्म के समय उसका वज़न 2.1 किलोग्राम था, और उसका जन्म सामान्य प्रसव से हुआ था। मोनालिसा की मां ने दावा किया है कि वह अनपढ़ हैं और किसी अनजान व्यक्ति ने धोखे से दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करा लिए थे।
राष्ट्रीय स्तर पर जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने संज्ञान (Monalisa Viral Girl Case) लिया है और उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं।इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। ‘लव जिहाद’ और संगठनों की भूमिका जैसे आरोपों ने विवाद को और गर्मा दिया है।

