दुर्ग, 12 मई। IPL Fake Ticket Scam : भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में IPL मैच के दौरान एक बड़े हाईटेक टिकट फ्रॉड का खुलासा हुआ है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के चार युवकों को गिरफ्तार किया है, जो AI टूल्स और डिजाइनिंग सॉफ्टवेयर की मदद से नकली IPL टिकट तैयार कर दर्शकों को बेच रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान श्रीकांत बोरकर, नूतन साहू, राजेंद्र चौधरी और विश्वजीत साहू के रूप में हुई है।
ऐसे खुला पूरा खेल
मामला तब सामने आया जब लखनऊ सुपर जायंट्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के मैच के दौरान एक युवक ने स्टेडियम के बाहर टिकट खरीदा। UPI पेमेंट करने के बाद जब वह एंट्री गेट पहुंचा, तो स्कैनिंग में टिकट फर्जी निकला। इसके बाद साइबर सेल और पुलिस ने डिजिटल ट्रांजैक्शन ट्रेस कर आरोपियों को पकड़ लिया।
ChatGPT और डिजाइनिंग टूल्स का इस्तेमाल
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया से असली IPL टिकटों की तस्वीरें डाउनलोड करते थे। फिर CorelDRAW और अन्य डिजाइनिंग सॉफ्टवेयर की मदद से उनकी कॉपी तैयार की जाती थी। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि टिकट के डिजाइन और प्रिंटिंग पैटर्न समझने के लिए आरोपियों ने OpenAI के ChatGPT और ऑनलाइन ट्यूटोरियल्स का सहारा लिया।
दिल्ली में फेल, लखनऊ में बिछाया जाल
पुलिस के मुताबिक आरोपी इससे पहले अरुण जेटली स्टेडियम के बाहर भी नकली टिकट बेचने की कोशिश कर चुके थे। वहां असफल होने के बाद उन्होंने अपनी तकनीक को और बेहतर बनाया और फिर लखनऊ को टारगेट किया।
UPI ट्रांजैक्शन बना सबसे बड़ा सुराग
अमित कुमार आनंद ने बताया कि आरोपियों तक पहुंचने में UPI पेमेंट सबसे अहम सुराग साबित हुआ। फिलहाल पुलिस गिरोह के अन्य नेटवर्क, बैंकिंग ट्रांजैक्शन और संभावित ऑनलाइन फ्रॉड की जांच कर रही है। यह मामला AI तकनीक के गलत इस्तेमाल और तेजी से बढ़ते साइबर फ्रॉड के खतरे को भी उजागर करता है।

