Nagar Panchayat By-Election : नगरीय चुनाव में सियासी संग्राम…! डबल इंजन vs कांग्रेस का जनाधार…5 नगर पंचायतों पर सबकी नजर…4 जून को फैसला

Nagar Panchayat By-Election : नगरीय चुनाव में सियासी संग्राम…! डबल इंजन vs कांग्रेस का जनाधार…5 नगर पंचायतों पर सबकी नजर…4 जून को फैसला

रायपुर, 20 मई। Nagar Panchayat By-Election : प्रदेश की पांच नगर पंचायतों में होने वाले आम और उपचुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्म हो गया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल चुनावी मैदान में पूरी ताकत के साथ उतर चुके हैं। सत्ता में होने का फायदा उठाते हुए भाजपा “डबल इंजन सरकार” के मुद्दे पर वोटरों को साधने में जुटी है, वहीं कांग्रेस अपने मजबूत जनाधार के दम पर चुनावी समीकरण मजबूत करने की कोशिश कर रही है।

राजनीतिक दृष्टि से यह चुनाव बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि पांच में से तीन नगर पंचायतें ऐसे विधानसभा क्षेत्रों में आती हैं जहां कांग्रेस के विधायक हैं। ऐसे में दोनों दलों ने इसे प्रतिष्ठा की लड़ाई बना दिया है।

चार नई नगर पंचायतों, बम्हनीडीह, शिवनंदनपुर, पलारी और घुमका में पहली बार आम चुनाव हो रहे हैं। वहीं सहसपुर लोहारा नगर पंचायत में अध्यक्ष पद के लिए उपचुनाव कराया जाएगा।

सहसपुर लोहारा सीट खास चर्चा में है, जहां पूर्व अध्यक्ष उषा मनहरण श्रीवास को अपनी ही पार्टी के पार्षदों द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के बाद पद गंवाना पड़ा था। अब कांग्रेस इस सीट पर दोबारा कब्जा जमाने की कोशिश में है, जबकि भाजपा भी इसे जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है।

भाजपा ने चुनाव प्रबंधन के लिए वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी है। अनुराग सिंह देव को बम्हनीडीह, रजनीश सिंह को शिवनंदनपुर, नीलू शर्मा को पलारी और केदार गुप्ता को सहसपुर लोहारा की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं पूर्व सांसद अभिषेक सिंह घुमका में चुनाव प्रचार संभाल रहे हैं।

दूसरी ओर कांग्रेस ने जिला प्रभारियों पर भरोसा जताया है। दलेश्वर साहू घुमका, संगीता सिन्हा पलारी और व्यास नारायण कश्यप बम्हनीडीह में चुनावी मोर्चा संभाले हुए हैं।

चुनाव कार्यक्रम

  • 21 मई तक नाम वापसी
  • 1 जून को मतदान
  • 4 जून को मतगणना और परिणाम

इन चुनावों में चार नई नगर पंचायतों में अध्यक्ष (Nagar Panchayat By-Election) और 60 पार्षद पदों के लिए मतदान होगा, जबकि सहसपुर लोहारा में अध्यक्ष पद के लिए उपचुनाव कराया जाएगा। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक यह चुनाव सिर्फ स्थानीय निकाय तक सीमित नहीं, बल्कि आने वाले बड़े राजनीतिक समीकरणों का संकेत भी माना जा रहा है।

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