नई दिल्ली, 25 मई। Drain Cleaning : मुंबई में मॉनसून से पहले चल रहे प्री-मॉनसून ड्रेनेज क्लीनिंग अभियान के दौरान ऐसा नजारा सामने आया, जिसने सफाई कर्मियों से लेकर बीएमसी अधिकारियों तक को हैरान कर दिया। आमतौर पर नालों से कीचड़, प्लास्टिक और घरेलू कचरा निकलता है, लेकिन इस बार गटरों के अंदर से सोफा, फ्रिज, गद्दे, बेड, टेबल और भारी कबाड़ बरामद हुआ।

सबसे चौंकाने वाली बात तब सामने आई जब सफाई के दौरान नाले के भीतर से एक पूरा ऑटो रिक्शा और पुलिस का भारी बैरिकेड भी मिला। यह देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। ऐसा लग रहा था मानो लोगों ने नालों को कबाड़खाना बना दिया हो।
कई संवेदनशील इलाकों से निकला भारी कचरा
बीएमसी के मुताबिक यह सामान साकी नाका, कुर्ला, गोवंडी और मानखुर्द जैसे संवेदनशील इलाकों के नालों से निकाला गया। कई जगहों पर पानी का रंग हरा और केमिकलयुक्त पाया गया, जिससे औद्योगिक कचरे की भी आशंका जताई गई है। अधिकारियों का कहना है कि लोग नालों को डंपिंग ग्राउंड की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसकी वजह से हर साल मॉनसून के दौरान जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है।
पहले भी मिल चुके हैं चौंकाने वाले सामान
बीएमसी अधिकारियों के मुताबिक यह पहली बार नहीं है जब नालों से अजीबोगरीब चीजें निकली हों। इससे पहले भी सफाई के दौरान स्कूटर, बाइक, नारियल के पेड़ के तने, भारी मशीनें और यहां तक कि इंसानी कंकाल तक मिल चुके हैं। लेकिन इस बार घरेलू सामान और पूरा ऑटो रिक्शा मिलना सबसे ज्यादा चौंकाने वाला मामला माना जा रहा है।
दिन-रात चल रहा सफाई अभियान
मुंबई में हर साल 300 से ज्यादा बड़े और सैकड़ों छोटे नालों की सफाई (Drain Cleaning) की जाती है ताकि बारिश के समय पानी की निकासी बाधित न हो। फिलहाल बीएमसी की टीमें सक्शन मशीनों और मजदूरों की मदद से दिन-रात सफाई अभियान में जुटी हुई हैं। बीएमसी ने नागरिकों से अपील की है कि वे नालों में भारी कचरा और कबाड़ न फेंकें, क्योंकि इससे मॉनसून में शहर के डूबने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

