नई दिल्ली/कोलकाता, 21 जून। Inspirational : दृढ़ इच्छाशक्ति और शिक्षा के प्रति समर्पण की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है। सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद NEET-UG की दोबारा परीक्षा देने का संकल्प लेने वाली छात्रा सृष्टि दुबे के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मानवीय पहल करते हुए विशेष इंतजाम सुनिश्चित करवाए हैं।
कोलकाता के ढाकुरिया स्थित बिनोदिनी गर्ल्स हाई स्कूल परीक्षा केंद्र पर परीक्षा देने वाली सृष्टि दुबे 14 जून को एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। हादसे में उनकी नौ पसलियां टूट गईं, फेफड़ों में गंभीर चोट आई और उन्हें बड़ी वैस्कुलर सर्जरी के साथ कुछ समय के लिए आर्टिफिशियल वेंटिलेशन पर रखना पड़ा।
गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों के बावजूद सृष्टि ने NEET की दोबारा परीक्षा देने की इच्छा जताई। इसके बाद उनके परिजनों ने अधिकारियों से विशेष अनुमति और सहयोग की अपील की। मामले की जानकारी मिलने पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्वयं हस्तक्षेप करते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के साथ समन्वय स्थापित किया और छात्रा के लिए परीक्षा केंद्र पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराईं।
छात्रा के जज्बे ने जीता देश का दिल
अधिकारियों ने सृष्टि के लिए ग्राउंड फ्लोर पर अलग कमरा उपलब्ध कराया है। उन्हें चेस्ट ड्रेन सहित जरूरी मेडिकल उपकरणों के साथ परीक्षा देने की अनुमति दी गई है। परीक्षा के दौरान ILS हॉस्पिटल की डॉक्टरों और पैरामेडिक्स की टीम छात्रा के साथ मौजूद रहेगी, जबकि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए परीक्षा केंद्र पर एंबुलेंस को भी स्टैंडबाय रखा गया है।
अधिकारियों के मुताबिक, सभी इंतजाम इस तरह किए गए हैं कि छात्रा की सेहत और सुरक्षा से कोई समझौता न हो, साथ ही उसके मेडिकल करियर के सपने भी अधूरे न रह जाएं। सृष्टि के माता-पिता ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और NTA का त्वरित कार्रवाई और संवेदनशील सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया है।
इधर, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ओखला स्थित NTA मुख्यालय पहुंचकर NEET-UG की दोबारा परीक्षा की तैयारियों का भी जायजा लिया। अधिकारियों ने परीक्षा के पारदर्शी, सुरक्षित और सुचारू संचालन के लिए किए गए तकनीकी एवं लॉजिस्टिक इंतजामों की जानकारी मंत्री को दी।

