रायपुर, 22 जून। Special Article : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा विशेष पिछड़ी जनजातियों और दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदेश के जनजातीय एवं दुर्गम क्षेत्रों में विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर ग्रामीणों को उनके निवास क्षेत्र के समीप ही जांच, उपचार एवं परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
राज्य के विभिन्न जिलों में आयोजित स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों के परिवारों, गर्भवती एवं शिशुवती माताओं, बच्चों तथा बुजुर्गों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की टीम द्वारा मरीजों की जांच कर आवश्यक दवाइयों का वितरण किया जा रहा है तथा जरूरतमंद लोगों को आगे के उपचार के लिए स्वास्थ्य संस्थानों से जोड़ा जा रहा है।
इसी कड़ी में बलरामपुर जिले के जनजातीय क्षेत्र अखइनकोना में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में पहाड़ी कोरवा परिवारों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। शिविर के दौरान 53 ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की गई तथा 35 मरीजों को आवश्यक दवाइयां प्रदान की गईं। साथ ही शिशुवती माताओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य की विशेष निगरानी कर उन्हें पोषण, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक परामर्श दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्रामीणों को मौसमी बीमारियों से बचाव, नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार और स्वच्छता के महत्व के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है। इन शिविरों से दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय परिवारों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होने के साथ-साथ स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है।
प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित किसी भी व्यक्ति तक आवश्यक सेवाएं पहुंचें और विशेष रूप से दूरस्थ एवं कमजोर वर्गों के लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उनके गांवों के निकट ही उपलब्ध कराई जा सकें। इसी उद्देश्य से राज्यभर में स्वास्थ्य शिविरों और जन-जागरूकता गतिविधियों का संचालन लगातार किया जा रहा है।

