रायपुर, 01 जुलाई। CG Electricity Tariff : जुलाई की शुरुआत के साथ ही छत्तीसगढ़ के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को महंगाई का एक और झटका लगा है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा निर्धारित नई बिजली दरें 1 जुलाई 2026 से पूरे राज्य में लागू हो गई हैं। नई टैरिफ व्यवस्था के तहत घरेलू, गैर-घरेलू और कृषि श्रेणी के उपभोक्ताओं को अब पहले की तुलना में अधिक बिजली बिल चुकाना होगा।
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए कितनी बढ़ीं बिजली दरें?
नई दरों के तहत, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए प्रति यूनिट 30 से 50 पैसे की बढ़ोतरी हुई है। गैर-घरेलू (कमर्शियल) उपभोक्ताओं के लिए प्रति यूनिट 20 से 40 पैसे की बढ़ोतरी हुई है। कृषि पंप उपभोक्ताओं के लिए प्रति यूनिट 40 पैसे की बढ़ोतरी हुई है। पिछले साल घरेलू बिजली की दरों में प्रति यूनिट सिर्फ़ 10 से 20 पैसे की बढ़ोतरी की गई थी, जबकि इस बार बढ़ोतरी ज़्यादा है।
बिजली बिल के नियमों में भी बड़ा बदलाव
नई व्यवस्था के तहत, एडवांस पेमेंट करने वाले ग्राहकों को मिलने वाली छूट कम कर दी गई है। एडवांस पेमेंट पर छूट 1.25% से घटाकर 0.75% कर दी गई है। देर से पेमेंट करने पर लगने वाला सरचार्ज अब 1.5% प्रति महीने के बजाय 0.04% प्रति दिन की दर से लगाया जाएगा। LV-1 और LV-2 अस्थायी कनेक्शन के लिए सामान्य टैरिफ भी बढ़ा दिए गए हैं।
बकाया बिजली बिल वालों को राहत
बिजली की दरों में बढ़ोतरी के बीच, राज्य सरकार ने बकाया बिल वाले उपभोक्ताओं को भी राहत दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा के अनुसार, उपभोक्ताओं को अपने लंबित बिजली बिलों का भुगतान करने के लिए तीन महीने का अतिरिक्त समय (ग्रेस पीरियड) दिया जाएगा। इस अवधि के दौरान किए गए भुगतान पर कोई सरचार्ज नहीं लगाया जाएगा। जो पात्र उपभोक्ता तय समय-सीमा के भीतर अपने बिलों का भुगतान कर देंगे, उन्हें 10% की विशेष छूट भी मिलेगी।
किस पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?
नई बिजली दरों का असर राज्य के लाखों घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ दुकानदारों, छोटे कारोबारियों, उद्योगों और कृषि पंप संचालकों पर भी पड़ेगा। आने वाले महीनों में बिजली बिल पहले की तुलना में अधिक आने की संभावना है।

